सूरत : सच्ची श्रद्धा और धैर्य से ही भक्ति मार्ग पर टिक पाता है मनुष्य : बाल संत भोलेबाबाजी

गोडादरा में गौ सेवार्थ श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सूरत : सच्ची श्रद्धा और धैर्य से ही भक्ति मार्ग पर टिक पाता है मनुष्य : बाल संत भोलेबाबाजी

शहर के गोडादरा क्षेत्र में श्री कृष्णा ड्रीम्स एवं स्टलर के पास, एसएमसी गार्डन के निकट गौ सेवार्थ आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा व्यासपीठ से बालसंत भोलेबाबाजी भक्तों को भक्ति, संस्कार और जीवन मूल्यों का संदेश दे रहे हैं।

कथा वाचन के दौरान बालसंत भोलेबाबाजी ने कहा कि भक्ति मार्ग जितना सरल दिखाई देता है, वास्तव में उतना आसान नहीं है। इस मार्ग पर वही व्यक्ति टिक पाता है, जिसके भीतर सच्ची श्रद्धा और धैर्य होता है। उन्होंने कहा कि यदि भक्ति सच्चे मन से की जाए, तो ईश्वरीय शक्ति स्वयं सहायता करती है।

बालसंत ने समय के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन का समय अत्यंत कीमती है। सब कुछ देने पर भी समय का एक पल वापस नहीं पाया जा सकता। हम सभी समय के बल पर ही जीवन जी रहे हैं, इसलिए जीवन का लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो भगवान को चाहता है, उसे संसार का मोह छोड़ना पड़ता है, और जो संसार को प्राथमिकता देता है, उसे भगवान नहीं मिलते।

कथा के दौरान गृह शुद्धि और आहार की पवित्रता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि “जैसा अन्न होगा, वैसा ही मन बनेगा।” सात्विक आहार का सेवन करने और रसोईघर की पवित्रता बनाए रखने की सीख देते हुए उन्होंने भारतीय संस्कारों को देश की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि इन्हीं संस्कारों के कारण भारत विश्वगुरु कहलाता है और यदि इन्हें अपनाकर जीवन जिया जाए, तो जीवन का कल्याण निश्चित है।

आधुनिक फैशन पर टिप्पणी करते हुए बालसंत ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति समाज का अंग है, इसलिए सभ्यता और संस्कारों की मर्यादा बनाए रखते हुए ही फैशन करना चाहिए। उन्होंने साधना के दो स्वरूप—निर्गुण साधना और सद्गुण साधना—का उल्लेख करते हुए गुरु की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जो हमें भगवान से मिलाने का मार्ग दिखाए, वही सच्चा गुरु है। “पानी पीओ छानकर और गुरु बनाओ जानकर,” यह कहते हुए उन्होंने गुरु को भगवान से भी अधिक महिमामयी बताया। श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से श्रद्धालु भक्ति, संस्कार और आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ उठा रहे हैं, वहीं आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।

विप्र पाउंडेशन गुजरात प्रदेश महामंत्री एवं मीडिया प्रभारी सज्जन महर्षि ने बताया कि सुबह प्रभात फेरी कथा पंडाल से केशव पार्क, खोडियार रेजिडेंसी, सालासर रेजीडेंसी, चामुड़ा रेजीडेंसी, हरिओम सोसायटी, मधुसुदन सोसायटी में निकाली गई। इस अवसर पर मुख्य कथा के मनोरथी घनश्याम सेवग (शिवशक्ति परिवार), कथा के संयोजक विप्र फाउंडेशन गुजरात प्रदेश अध्यक्ष तोलाराम सारस्वत, अखिलेश शर्मा, तुलसीभाई राजपुरोहित, पवन सेवदा, दामोदर गौड़, जुगल पालीवाल, मनोज दायमा, द्वारकाप्रसाद सारस्वत, सुदर्शन शर्मा, राम अवतार पारीक, रोहित मेवाड़ा, भगवान प्रजापति, रामचंद्र प्रजापति, योगेन्द्र शर्मा, दिनेश ओझा, राजकुमार कोठारी, सुखराम प्रजापत, श्याम सैनी, भरत सिंह गढवी, सवाई सिंह खाराबेरा, भरत सिंह रणधीसर समेत जोन 15 सूरत के पदाधिकारी के साथ साथ हजारों की संख्या में गौ भक्त उपस्थित रहे।

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