सूरत : अडाजन रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026, 21 देशों के पतंगबाजों ने सजाया सूरत का आसमान

भारत की प्राचीन परंपरा और लोक संस्कृति को जीवित रखने वाले त्योहार 'अनेकता में एकता' को प्रदर्शित करते हैं : सांसद मुकेशभाई दलाल

सूरत : अडाजन रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026, 21 देशों के पतंगबाजों ने सजाया सूरत का आसमान

गुजरात टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड, सूरत नगर निगम और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में सूरत शहर के अडाजन रिवरफ्रंट पर सांसद मुकेशभाई दलाल की अध्यक्षता में भव्य इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश-विदेश से आए कुल 94 पतंगबाजों ने रंग-बिरंगी और अनोखी आकृतियों वाली पतंगें उड़ाकर सूरतवासियों का दिल जीत लिया।

महोत्सव के दौरान आसमान अलग-अलग रंगों और डिजाइनों की पतंगों से रंगीन नजर आया। गुजरात के 29, देश के चार राज्यों से आए 20 और विदेशों से आए 45 पतंगबाजों ने अपनी कला और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया, जो दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण बना।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद मुकेशभाई दलाल ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा और लोक संस्कृति को जीवित रखने वाले ऐसे त्योहार ‘अनेकता में एकता’ की भावना को सशक्त रूप से प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने कहा कि पतंग महोत्सव न केवल सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। उत्साह और उमंग से भरे इस आयोजन में बड़ी संख्या में नागरिक, पतंग प्रेमी और परिवारजन उपस्थित रहे और अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस रंगारंग महोत्सव का आनंद लिया।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1998 से सूरत सहित पूरे गुजरात में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का आयोजन हो रहा है, जिससे फूड, फ्लावर इंडस्ट्री सहित कई क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। जनभागीदारी से मनाए जाने वाले ऐसे पारंपरिक त्योहार समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और हमारी लोक संस्कृति व परंपराओं को जीवंत बनाए रखते हैं। 

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कार्यक्रम में विधायक पूर्णेशभाई मोदी ने कहा कि सरकार द्वारा आयोजित त्योहारों और मेलों के कारण देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक गुजरात आते हैं और राज्य के पर्यटन की सुंदरता का अनुभव करते हैं।

उल्लेखनीय है कि मकर संक्रांति के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग रूपों में पर्व मनाया जाता है—दक्षिण भारत में पोंगल, उत्तर भारत में लोहड़ी और पश्चिम बंगाल में गंगासागर मेला। इस तरह यह त्योहार विविधता के बीच एकता की भावना को सुदृढ़ करता है। इस मौके पर म्युनिसिपल कल्चरल कमेटी की प्रेसिडेंट सोनल देसाई, विभिन्न समितियों के चेयरमैन, टूरिज्म विभाग के अधिकारी, कॉर्पोरेटर, नगर निगम व जिला प्रशासन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पतंग प्रेमी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

 अडाजन रिवरफ्रंट पर आकर्षण का केंद्र बनी विक्की वकारिया की रिमोट कंट्रोल पतंग

अडाजन रिवरफ्रंट पर आयोजित पतंग महोत्सव में इस वर्ष सूरत के लोगों के बीच सबसे बड़ा आकर्षण बनी लोकल पतंग प्रेमी विक्की वकारिया की अनोखी रिमोट कंट्रोल (RC) पतंग, जिसे ‘डिलाइट काइट’ के नाम से जाना जाता है। बिना डोर और बिना हवा के ऊंची उड़ान भरने वाली इस पतंग ने दर्शकों को हैरान कर दिया।

पिछले 15 वर्षों से पतंग उड़ाने के शौकीन विक्की वकारिया हर साल पतंग महोत्सव में अपनी नई और रचनात्मक कला से लोगों को मंत्रमुग्ध करते आ रहे हैं। इस वर्ष पेश की गई उनकी RC पतंग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी प्रकार की डोर नहीं होती, जिससे यह इंसानों, जानवरों और पक्षियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।

विक्की वकारिया ने बताया कि यह पतंग बिना हवा के भी उड़ान भर सकती है, जो इसे पारंपरिक पतंगों से अलग पहचान देती है। उन्होंने कहा कि वे अपनी सभी पतंगों को खुद डिजाइन करते हैं और तकनीक के साथ परंपरा को जोड़ने का प्रयास करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विक्की वकारिया अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। वे चीन, इंडोनेशिया और श्रीलंका जैसे देशों में आयोजित पतंग महोत्सवों में बतौर पतंगबाज हिस्सा ले चुके हैं। खास तौर पर रात के समय रोशनी से सजी उनकी RC पतंग का नज़ारा दर्शकों के लिए बेहद आकर्षक और मनमोहक रहा।

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