सूरत :  नगर निगम में भ्रष्टाचार का बड़ा धमाका: एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और पत्रकार के खिलाफ 15 लाख की रिश्वत का केस

निर्माण पर तोड़फोड़ रोकने के बदले मांगे थे लाखों; एसीबी  के जाल बिछाते ही रिश्वत की रकम लेकर भागा पत्रकार, इंजीनियर भी फरार

सूरत :  नगर निगम में भ्रष्टाचार का बड़ा धमाका: एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और पत्रकार के खिलाफ 15 लाख की रिश्वत का केस

सूरत। सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन(एसएमसी) के लिंबायत ज़ोन में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने लिंबायत ज़ोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (क्लास-1) और एक स्थानीय पत्रकार के खिलाफ 15 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

शिकायतकर्ता के निर्माण कार्य पर म्युनिसिपैलिटी द्वारा तोड़फोड़ का नोटिस जारी किया गया था। आरोप है कि कार्रवाई रोकने के बदले लिंबायत ज़ोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर विपुल शशिकांत गणेशवाला और एक स्थानीय अखबार के पत्रकार मोहम्मद इस्माइल उर्फ परवाना पठान ने मिलीभगत कर 21 लाख रुपये की मांग की, जो बाद में 15 लाख रुपये में तय हुई।

रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 4 लाख रुपये नकद देने की बात तय हुई थी। शिकायतकर्ता रिश्वत देने को तैयार नहीं था, इसलिए उसने एसीबी से संपर्क किया। 19 फरवरी को एसीबी ने जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार पत्रकार मोहम्मद इस्माइल 4 लाख रुपये लेने पहुंचा।

हालांकि, नकद राशि लेने के बाद एसीबी टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही वह फरार हो गया। दूसरी ओर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर विपुल गणेशवाला भी मौके पर मौजूद नहीं मिले।

एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में आरोप है कि दोनों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आपराधिक कदाचार (क्रिमिनल मिसकंडक्ट) किया।

फिलहाल, एसीबी की अलग-अलग टीमें दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। इस घटना के सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन में हलचल मच गई है और मामले को लेकर विभागीय स्तर पर भी गंभीरता से समीक्षा की जा रही है

Tags: Surat