सूरत : नवसारी एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. टी.आर. अहलावत ने सूरत के कृषि विज्ञान केंद्र में साइंटिफिक एडवाइजरी कमेटी बैठक की अध्यक्षता की
किसानों तक शोध पहुंचाने, नेचुरल खेती और आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा देने पर दिया ज़ोर
नवसारी एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (NAU) से जुड़े कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), सूरत में साइंटिफिक एडवाइजरी कमेटी की 14वीं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता नवसारी एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. टी.आर. अहलावत ने की। इस अवसर पर केवीके के वैज्ञानिक, जिले के कृषि, बागवानी और पशुपालन विभाग के अधिकारी, एनएयू के विभिन्न शोध विभागों के प्रमुख, प्रगतिशील किसान, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि तथा स्वयं सहायता समूहों की प्रगतिशील महिलाएं उपस्थित रहीं।
बैठक को संबोधित करते हुए वाइस चांसलर डॉ. अहलावत ने कृषि विज्ञान केंद्र, सूरत की गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सूरत जिले के दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक कृषि यंत्रों और तकनीकों को पहुंचाने का कार्य प्रशंसनीय है। उन्होंने वैज्ञानिकों को सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय में हो रहे विभिन्न शोध कार्यों को प्रभावी तरीके से किसानों तक पहुंचाया जाए और हर किसान को इन अनुसंधानों के प्रति जागरूक किया जाए।
डॉ. अहलावत ने बैंगन की रोबोटिक ग्राफ्टिंग तकनीक का प्रदर्शन कर उसे व्यापक स्तर पर प्रचारित करने पर ज़ोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को नेचुरल खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता बताई। एक्सटेंशन एजुकेशन के डायरेक्टर डॉ. एच.आर. शर्मा ने केवीके की गतिविधियों पर आधारित एक इम्पैक्ट स्टडी तैयार करने पर विशेष बल दिया।
केवीके प्रमुख डॉ. जे.एच. राठौड़ ने वर्ष 2025 के लिए केंद्र की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों, फ्रंटलाइन डेमोंस्ट्रेशन, टेरेस गार्डनिंग, नेचुरल खेती, विभिन्न एक्सटेंशन गतिविधियों, सफलताओं और उपलब्धियों पर विस्तार से जानकारी दी। बैठक के दौरान उपस्थित प्रगतिशील किसानों और विभागीय अधिकारियों ने भी अपने सुझाव और अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. आर. के. पटेल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। बैठक में कृषि विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई, जिससे भविष्य में किसानों के हित में नई योजनाओं और गतिविधियों को दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई।
