सूरत : एनटीपीसी कवास की सीएसआर पहल से उभरी राज्य स्तरीय सांस्कृतिक प्रतिभा
रामझट 3.0 की प्रशिक्षु छात्रा राशि कंथारिया ने कला महाकुंभ 2025–26 में लोकगीत वर्ग में द्वितीय स्थान हासिल किया
एनटीपीसी कवास की कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल ने एक बार फिर राज्य स्तर पर अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। एनटीपीसी कवास के रामझट 3.0 कार्यक्रम की प्रशिक्षु छात्रा सुश्री राशि कंथारिया ने लोकगीत वर्ग (15–20 वर्ष आयु समूह) में राज्य स्तरीय कला महाकुंभ 2025–26 में द्वितीय स्थान प्राप्त कर एनटीपीसी कवास और पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।
यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 4 जनवरी 2026 को वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय (वीएनएसजीयू), सूरत में आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता में गुजरात भर से आए प्रतिभागियों के बीच राशि कंथारिया ने अपनी मधुर, भावपूर्ण और तकनीकी रूप से सशक्त लोकगीत प्रस्तुति से निर्णायकों और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
इससे पूर्व राशि कंथारिया ने 24 दिसंबर 2025 को नवसारी में आयोजित जोनल स्तरीय कला महाकुंभ में प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य स्तर की प्रतियोगिता में प्रवेश का अवसर हासिल किया था। उनकी यह सफलता एनटीपीसी कवास की सीएसआर गतिविधियों के अंतर्गत संचालित रामझट 3.0 कार्यक्रम की प्रभावशीलता का सशक्त प्रमाण है, जो युवा प्रतिभाओं को मंच, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास प्रदान कर रहा है।
रामझट कार्यक्रम के माध्यम से एनटीपीसी कवास पिछले तीन वर्षों से आसपास के गांवों के सरकारी विद्यालयों में क्षेत्रीय लोक विरासत के संरक्षण और जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को निखारने के लिए नियमित प्रशिक्षण एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहा है। राशि कंथारिया की यह उपलब्धि इस बात का गर्वपूर्ण उदाहरण है कि निरंतर और समर्पित सीएसआर प्रयास किस प्रकार सांस्कृतिक रूप से समृद्ध, आत्मविश्वासी युवा पीढ़ी का निर्माण कर क्षेत्रीय सांस्कृतिक गौरव को सुदृढ़ कर रहे हैं।
