सूरत : डिजिटल टेक्नोलॉजी से ट्रेड और इंडस्ट्री में ग्रोथ पर चैंबर का विशेष कार्यक्रम
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता : निखिल मद्रासी
सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) ने साउथ गुजरात प्रोडक्टिविटी काउंसिल के सहयोग से शुक्रवार, 2 जनवरी 2025 को सरसाना स्थित सभागृह में “डिजिटल टेक्नोलॉजी के माध्यम से ट्रेड और इंडस्ट्री में ग्रोथ” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एक्सपर्ट अमित सलूजा ने उद्यमियों और प्रोफेशनल्स को विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चैंबर अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में ट्रेड और इंडस्ट्री के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी को अपनाना कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि चैंबर लगातार अपने सदस्यों को नई तकनीक और आधुनिक बिज़नेस सोच से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।
साउथ गुजरात प्रोडक्टिविटी काउंसिल के अध्यक्ष नीरव राणा ने स्वागत भाषण में कहा कि डिजिटलाइजेशन के जरिए वैश्विक बाजार में एफिशिएंसी, ट्रांसपेरेंसी और कॉम्पिटिटिवनेस को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने ट्रेड और इंडस्ट्री में डिजिटल तकनीक अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्य वक्ता अमित सलूजा ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि डिजिटल टेक्नोलॉजी के माध्यम से मशीन आउटपुट, रियल टाइम डेटा के आधार पर कैपेसिटी यूटिलाइजेशन, मशीन एफिशिएंसी, डाउन टाइम और स्क्रैप जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां आसानी से प्राप्त की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश MSME इकाइयों में डेटा का सही स्तर उपलब्ध नहीं होने के कारण ऑपरेशनल विज़िबिलिटी में कमी रहती है। यदि सिस्टम और प्रोसेसिंग लेवल में बदलाव कर डिजिटल टूल्स अपनाए जाएं, तो उत्पादन क्षमता और लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि प्रत्येक मशीन का डाउन टाइम प्रति शिफ्ट केवल 15 मिनट कम किया जाए, तो कुल कैपेसिटी में लगभग 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, प्लांट में स्क्रैप को 1 प्रतिशत कम करने से प्रॉफिट मार्जिन 3 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है।
श्री सलूजा ने कहा कि आज भी कई फैक्ट्रियों में निर्णय मैनुअली लिए जाते हैं, जबकि बिजनेस के आकार के अनुसार सही डिजिटल टूल्स अपनाकर लागत घटाई जा सकती है और प्रोडक्शन कैपेसिटी व प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने उद्यमियों को सस्टेनेबिलिटी पर ध्यान देने और निरंतरता बनाए रखते हुए 2 से 7 प्रतिशत तक बिजनेस ग्रोथ की दिशा में सोचने की सलाह दी।
कार्यक्रम में चैंबर के वाइस प्रेसिडेंट अशोक जीरावाला, ऑनरेरी सेक्रेटरी बिजल जरीवाला, बड़ी संख्या में उद्यमी और प्रोफेशनल्स उपस्थित रहे। चैंबर और साउथ गुजरात प्रोडक्टिविटी काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष अरविंद कापड़िया ने वक्ता का परिचय दिया, जबकि चैंबर के पूर्व अध्यक्ष आशीष गुजराती ने उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया। चैंबर ग्रुप चेयरमैन डॉ. अनिल सरावगी ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताई और ग्रुप चेयरमैन संजय पंजाबी ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें अमित सलूजा ने ट्रेड और इंडस्ट्री से जुड़े विभिन्न सवालों के संतोषजनक उत्तर दिए। इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।
