सूरत : भगवान श्रीकृष्ण ने गोकुलवासियों को कालिया नाग के भय से मुक्ति दिलाई : संदीप महाराज

महाराजजी ने भगवान की बाल लीलाओं पूतना वध, कालिया नाग दमन और गिरिराज पूजन का किया भावपूर्ण वर्णन

सूरत : भगवान श्रीकृष्ण ने गोकुलवासियों को कालिया नाग के भय से मुक्ति दिलाई : संदीप महाराज

गोड़ादरा क्षेत्र के वृंदावन नगर-1 में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के अंतर्गत गुरुवार, 1 जनवरी को पांचवें दिन कथा वाचन में कथावाचक संदीप महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गोकुल में भगवान के जन्म के उपलक्ष्य में छह माह तक उत्सव धूमधाम से मनाया गया।

संदीप महाराज ने कहा कि “जब-जब धर्म की हानि होती है और असुरों का अत्याचार बढ़ता है, तब-तब गौ, ब्राह्मण और संतों की रक्षा के लिए भगवान धरती पर अवतार लेते हैं।” उन्होंने पूतना वध की कथा सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने मात्र छह दिन की आयु में ही कंस द्वारा भेजी गई राक्षसी पूतना का उद्धार किया और उसे मोक्ष प्रदान किया।

कथा के दौरान तृणावर्त वध, यशोदा मैया को भगवान के मुख में ब्रह्मांड दर्शन, यमुना तट पर कंदुक क्रीड़ा और कालिया नाग के दमन की लीलाओं का भी विस्तार से वर्णन किया गया। संदीप महाराज ने बताया कि भगवान ने कालिया नाग को परास्त कर उसे भक्ति का मार्ग दिखाते हुए रमणक द्वीप भेज दिया।

इसके उपरांत माखन चोरी की लीला, गोपाष्टमी से गौ-चारण आरंभ होने पर भगवान का ‘गोपाल’ नामकरण, सखाओं के साथ वनभोज और इंद्र पूजा के स्थान पर गिरिराज पूजन की कथा सुनाई गई। उन्होंने कहा कि भगवान कर्म सिद्धांत का संदेश देते हैं कि जो जैसा कर्म करता है, उसे वैसा ही फल प्राप्त होता है।

कथा के अंत में गिरिराज महाराज को छप्पन भोग अर्पित किए गए। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित रहकर कथा श्रवण किया और भक्ति भाव में लीन होकर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का आनंद लिया।

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