सूरत : पर्वतपाटिया में आरएसएस का 100वीं वर्षगांठ पर शक्ति प्रदर्शन, 119 शाखाओं का आयोजन
2500 से अधिक स्वयंसेवकों ने एक ही मैदान में लगाईं शाखाएं, डॉ. अखिलेशजी पांडे ने दिया मार्गदर्शन
सूरत। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शिवाजी शाखा द्वारा हिंदू नववर्ष वर्षप्रतिपदा के अवसर पर "संघ शताब्दी शाखा कुंभ" का आयोजन किया गया। इस दौरान पर्वतपाटिया क्षेत्र के मरुंधर मैदान में 2500 से अधिक स्वयंसेवकों ने 119 शाखाएं लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस विशेष आयोजन में आरएसएस गुजरात प्रांत सह-कार्यवाह डॉ. अखिलेशजी पांडे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे और स्वयंसेवकों को मार्गदर्शन प्रदान किया।
आरएसएस की स्थापना की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर सूरत के शिवाजी शाखा के स्वयंसेवकों ने हिंदू नववर्ष चैत्र सुद एकम पर संगठित शक्ति का प्रदर्शन किया। सुबह 7 बजे से शुरू हुए इस कार्यक्रम में 2524 स्वयंसेवकों ने विभिन्न शारीरिक एवं बौद्धिक कार्यक्रमों में भाग लिया। संघ की शाखाएं कपास के पेड़ की तरह लगातार बढ़ रही हैं, और अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्य वक्ता डॉ. अखिलेशजी पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. केशवराव बलराम हेडगेवार द्वारा 1925 में शुरू की गई शाखा प्रणाली आज एक वटवृक्ष बन चुकी है। उन्होंने स्वयंसेवकों को समाज की श्रेष्ठ शक्तियों के साथ मिलकर राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने "पंचप्राण" का संदेश देते हुए कहा कि हर नागरिक को अपने कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों को निभाना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से संपूर्ण सृष्टि के कल्याण का प्रयास करना चाहिए। भारतीयों को अपने गौरवशाली अतीत के प्रति निरंतर जागरूक रहना चाहिए। जाति, पंथ और भेदभाव से ऊपर उठकर समाज में समरसता लानी चाहिए। संस्कारों की शुरुआत परिवार से करनी चाहिए।
इस भव्य आयोजन में 3000 से अधिक स्वयंसेवक एवं आम नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान संघ की शाखाओं में व्यायाम, योग, खेलकूद, और बौद्धिक सत्रों का आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इस आयोजन ने संगठन के विस्तार और हिंदू समाज की एकजुटता का संदेश दिया, साथ ही यह संकल्प लिया कि आने वाले समय में सूरत में और अधिक शाखाएं स्थापित कर समाज सेवा और राष्ट्रभक्ति के कार्यों को और मजबूत किया जाएगा।
