सूरत : कोलकाता मंडी से जुड़े कपड़ा व्यापारियों की नजर बांग्लादेश पर, जानिये क्या कहना है कारोबारी परमेश्वर माटोलिया का
आगामी दुर्गा पूजा में अच्छी ग्राहकी उम्मीद
बीते सप्ताह पड़ोसी देश बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद फैली अराजकता को लेकर सभी की निगाहें वहां की स्थिति पर टिकी हुई है। इसी क्रम में कोलकाता कपड़ा मंडी से जुड़े सूरत के कपड़ा व्यापारियों की नजर बांग्लादेश की स्थिति पर टिकी हुई है। कारण कि सूरत से कोलकाता भेजे जाने वाले माल का आधा माल कोलकाता के व्यापारी बांग्लादेश भेज देते हैं। ऐसे में बांग्लादेश की स्थिति ठीक नहीं होने से कोलकाता के व्यापारी सीधे प्रभावित हैं। जिसका असर सूरत के व्यापारियों पर पड़ना स्वाभाविक है। हालांकि आगामी दुर्गा पूजा में कोलकाता की मंडियों में ग्राहकी की पूरी उम्मीद है। लेकिन कभी-कभी दुर्गा पूजा की ग्राहकी नहीं भी निकलती है, जिससे संदेह भी बना रहता है।
इस संदर्भ में रिंग रोड स्थित राठी पैलेस में स्वागत सिंथेटिक्स के नाम से कारोबार करते परमेश्वर मटोलिया ने बताया कि हाल में बांग्लादेश में जो स्थिति चल रही है उसे लेकर कुछ भी नहीं कहा जा सकता। जब स्थिति डिस्टर्ब रहेगी तो व्यापार के बारे में कुछ भी कहना ठीक नहीं है। हालांकि आगामी कुछ दिनों में स्थिति सामान्य होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि उनके कोलकाता के एक पार्टी ने अपने बांग्लादेश के एक पार्टी से बात की तो उसने बताया कि आगामी एक-दो दिनों में व्यापार खुलने की उम्मीद है। इसलिए संभवतः बहुत जल्द बांग्लादेश की स्थिति सामान्य हो जाए।

परमेश्वर माटोलिया ने बताया कि सूरत के कुछ व्यापारी डायरेक्ट बांग्लादेश से जुड़े हुए हैं। जबकि कुछ कोलकाता माल देते हैं और कोलकाता के व्यापारी बांग्लादेश माल भेजता है। जिससे कोलकाता की मंडी से जुड़े सूरत के व्यापारियों पर बांग्लादेश का असर हुआ है। क्या पार्टियों के लेन-देन की कोई दिक्कत आती है? का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि रूटीन में कोलकाता के व्यापारियों से रुपए को लेन देन कर कोई तकलीफ नहीं होती। जब कोई पार्टी तकलीफ में आ जाती है तो भले ही थोड़ी दिक्कतें हो जाए।
कोलकाता, जयपुर, बेंगलुरु एवं मुंबई की मंडियों से जुड़े परमेश्वर माटोलिया ने बताया कि बीते सप्ताह ग्रे के भाव बढ़ जाने से व्यापारियों ने ऊंचे भाव में ग्रे खरीदना टाल दिया था, जिससे ग्राहकी स्थिर है। हालांकि आगामी 20 अगस्त के बाद व्यापार के उठने की उम्मीद है। प्लेन डाइड कपड़े के कारोबार से जुड़े परमेश्वर माटोलिया ने बताया कि हम सभी मंडियों प्लेन डाइड कपड़ा ही भेजते हैं। वहां के व्यापारी अपने स्तर से उपयोग में लेते हैं। कोलकाता के व्यापारी डाइड कपड़े पर वर्क कराकर साड़ी बनाते हैं और गारमेंट्स में उसे उपयोग में लेते हैं। इसी तरह जयपुर के व्यापारी भी करते हैं। जबकि बेंगलुरु के व्यापारी डाइड कपड़े पर प्रिंटिंग कराकर बेचते हैं। इसके अलावा मुंबई के व्यापारी प्लेन डाइड कपड़े को कुछ व्यापारी तो गारमेंट इंडस्ट्रीज में उपयोग करते हैं। जबकि कुछ कारोबारी डाइड कपड़े को एक्सपोर्ट भी करते हैं। फिलहाल व्यापार की स्थिति सामान्य है, लेकिन आगामी दिनों में व्यापार की पूरी उम्मीद है।
