वाइब्रेंट गुजरात निवेशक सम्मेलन : अगर बढ़ गये कोरोना के मामले तो पूरा आयोजन हो जायेगा वर्चुअल

(Photo Credit :sandesh.com)

पांच जनवरी तक आने वाले कोरोना मामलों के आधार पर लिया जायेगा निर्णय

इन दिनों गुजरात में अगले वर्ष की शुरुआत में यानी 10 से 12 जनवरी तक होने वाले वाइब्रेंट गुजरात निवेशक सम्मेलन को लेकर जोर शोर से तैयारियां जारी है। इसे लेकर देश-विदेश में रोड शो भी आयोजित किए जा रहे हैं। हालांकि महात्मा मंदिर में होने वाले वाइब्रेंट समिट में शामिल होने के लिए सरकार को अभी तक भारत के बाहर से किसी विशेष विदेशी प्रतिनिधिमंडल से कोई पुष्टि नहीं मिली है। इसके पीछे का कारण महंगा हवाई किराया, होटल में ठहरने और सबसे महत्वपूर्ण भारत में 7 दिन का क्वारंटाइन नियम हो सकता है। दूसरी ओर, राज्य में बढ़ते कोरोना के मामलों और ओमिक्रोन के संकट के बीच सञ्चालन मंडल1 0वें वाइब्रेंट समिट को महात्मा मंदिर के बजाय पूरी तरह से 'आभासी' बनाने की तैयारी कर रहा है। दूसरी ओर, विदेशी प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में, सरकार ने दिल्ली –मुंबई में विदेशी राजनयिकों की उपस्थिति में महात्मा मंदिर में सीमित स्थानीय आमंत्रितों के साथ शिखर सम्मेलन के उद्घाटन और समापन को छोड़कर सभी सेमिनारों, कार्यक्रमों को वर्चुअल रूप से आयोजित करने का विकल्प भी सुझाया है।
उद्योग विभाग के अनुसार, कोविड-19 के दैनिक मामलों की स्थिति को आधार रखते हुए ये फैसला लिया जायेगा। हालांकि इसकी घोषणा पांच जनवरी से पहले कर दी जाएगी। ताकि बाकी के पांच दिनों में राज्य सरकार इसे तैयार कर सके। बता दें कि शनिवार शाम तक 9,562 निवेशकों और इच्छुक व्यक्तियों ने 10वें वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2022 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण किया है। हालांकि, उनमें से केवल 206 भारत के बाहर के बताए जाते हैं। इंडेक्स-बी ने कुलसचिवों के बीच विदेशी प्रतिनिधियों की संख्या का खुलासा नहीं किया, लेकिन 10 से 12 जनवरी तक महात्मा मंदिर योजनारी शिखर सम्मेलन के लिए 5,889 कंपनियों ने पंजीकरण कराया है। हालांकि, उद्योग विभाग के अनुसार, पंजीकरण कराने वाले प्रत्येक व्यक्ति को शिखर सम्मेलन का निमंत्रण मिलना आवश्यक नहीं है!
गुजरात सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि वाइब्रेंट समिट आयोजित करने या न करने का फैसला करने के लिए उन्हें दिल्ली से पांच-छह दिन इंतजार करने को कहा गया है। अगले सप्ताहांत 29-30 दिसंबर, गुजरात में और विशेष रूप से अहमदाबाद में संक्रमण के प्रसार को लेकर कोविड-19 के मामलों की समीक्षा होगी। मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में अगर अहमदाबाद में कोरोना के मामले बढ़ जाते हैं तो वाइब्रेंट समिट कोई बड़ा आयोजन नहीं होगा।

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