PF कटवाने वाले कर्मचारी की चालू नौकरी मृत्यु होने पर उपलब्ध है 7 लाख तक बीमा कवच

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पिछले महीने से जीवन बिमा की राशि बढाई गई, कम से कम और अधिक से अधिक राशि की सीमा तय की गई है

एम्पलॉइ प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन की एम्पलॉइ डिपॉजिट लिंक इंश्योरेंस स्कीम के अंतर्गत प्रोविडेंट फंड के सक्रिय सदस्य यानी कि जो नौकरी कर रहे हो और जिनका फंड कट रहा है। उन कर्मचारियों के लिए जीवन बीमा का लाभ दिया जाता है। कुछ समय पहले प्रोविडेंट फंड के एक्टिव अकाउंट वाले लोगों को जो लाभ दिया जाता था वह 15 फरवरी 2020 से बढ़ा दी गई है। जीवन बीमा के लाभ की रकम बढ़ा दी गई है। एम्प्लॉय डिपॉजिट लिंक इंश्योरेंस के तौर पर दिए जाने वाले लाभ एक्टिव कर्मचारियों को दिया जा रहा है। 15 फरवरी 2020 एक्टिव अकाउंट वालों को ढाई लाख का बीमा कवच दिया जाता था। किसी कारण से यदि कर्मचारी की मौत हो जाती है तो उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। मृतक के परिवारजनों के ढाई लाख रुपए की राशि दी जाती है।
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo : IANS)
इस योजना के अंतर्गत महत्तम लाभ की रकम 28 अप्रैल 2021 से आगामी 3 साल तक बढ़ाकर 700000 कर दी गई है। इस योजना का लाभ लेने के लिए जिन लोगों का प्रोविडंट फंड जमा हो रहा हो ऐसे लोगों को कोई प्रीमियम भरना नहीं होता है। निजी कंपनी में मालिक की ओर से प्रोविडंट फंड में कंपनी की ओर से जमा की जाने वाली राशि के साथ ही थोड़ा प्रीमियम ले लिया जाता है। हालांकि कई निजी कंपनियां एंप्लोई लिंक इंश्योरेंस स्कीम में शामिल नहीं होती हैं।वह  ईडीएलआई के तौर पर जाने वाली स्कीम में जो कंपनियां शामिल नहीं होती उन्हें कई शर्तों के तहत छूट दी जाती है। उन्हें इस योजना से भी अच्छी योजना लेने की शर्त पर छूट दी जाती है। इसके लिए कर्मचारियों के वेतन में से कोई कटौती नहीं करने की भी शर्त रखी जाती है। निजी कंपनियां ग्रुप टर्म इंश्योरेंस लेती हैं। ग्रुप इंश्योरेंस लेते समय कंपनियों के पास ईडीएलआई में जुड़ना अनिवार्य नहीं है। ईडीएलाआई स्कीम में जुड़े कर्मचारी कि यदि मृत्यु होती है तो उसके परिवार के सदस्यों को बीमा की रकम मिलती है।
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नौकरियात व्यक्ति को मासिक मासिक पगार, महंगाई भत्ता तथा उसके प्रोविडन्ट खाता में से औसतन राशि के प्रमाण में बीमा का लाभ मिलता है। इसकी कम से कम और अधिक से अधिक राशि तय की गई है। प्रतिमाह 15000 का वेतन पाने वाले लोगों को ही इस योजना का लाभ मिलता है। कर्मचारी को उसकी मृत्यु के पहले 12 महीने में औसत कितना पगार मिला यह देखा जाता है। इसके अलावा अंतिम 12 महीने में उसके प्रोविडेंट फंड के अकाउंट की औसतन राशि 50% हो उन्हें यह लाभ मिलता है। औसतन राशि की महत्तम मर्यादा पौने दो लाख है। यदि सिस्टम से हट कर बात करें तो नौकरी वाले व्यक्ति को ढाई लाख का बीमा मिलना ही चाहिए। बीमा की रकम गिनने के लिए यदि उदाहरण के साथ बात करें तो उसकी मृत्यु के अंतिम 12 महीने में उसे मिले मासिक पगार 20000 हो और उसके अकाउंट में औसतन प्रोविडेंट फंड बैलेंस 200000 है उसे 700000 रूपए का बीमा कवच मिलता है। ऐसे संजोग में उसका औसतन मासिक पगार 15000 गिन कर 35 से गुणा किया जाता है। इसके पहले 30 से गुणा किया जाता था यह गुणा करने पर उसमें 200000 जोड़ दिया जाता है। जो कि जोड़ने पर 725000 होता है। इस परिस्थिति में उसे मिलने वाली राशि 700000 मानी जाती है जो कि उसके वारिस को मिलती है। जीवन बीमा की यह रकम मृतक के परिवार को तात्कालिक आर्थिक जरूरतों को पूरी करने में मदद करती है। पीएफ ऑफिस की ओर से फॉर्म नंबर 5 भरकर देना पड़ता है। इसके साथ आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद यह राशि मिलती है।

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