सूरत के यह 56 कोविड वोरियर्स निभा रहे है है राउंड ध क्लॉक ड्यूटी, लोगों ने शुरू की प्रशंसा

ट्राएज एरिया का इस्तेमाल कर मरीज की गंभीरता का लगाया जाता है पता

कोरोना के बढ़ते हुए केसों के कारण हर दिन मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हो रहा है। सूरत की सिविल हॉस्पिटल में दूर-दूर से मरीज आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण, ह्रदय रोग हो या एक्सीडेंट हो किसी भी तरह की बीमारी के समय मरीजों को तात्कालिक इलाज मिल सके इसलिए सिविल अस्पताल की ट्राएज एरिया में वेंटिलेटर के साथ सभी साधन के साथ तात्कालिक इलाज किए जा रहे हैं। सिविल के अंदर राउंड-ध-क्लॉक डॉक्टर्स, कंसलटेंट, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ तथा अन्य स्टाफ मिलकर कुल 56 स्टाफ 24 घंटे अपनी ड्यूटी कर रहे हैं।
इस बारे में बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉ. विजय शाह बताते हैं कि, पिछले हफ्ते दौरान के सूरत सहित आसपास के इलाके जैसे वलसाड, वापी, भरूच, अहमदाबाद, जूनागढ़ तथा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में से भी मरीज इलाज के लिए सिविल आ रहे हैं। पिछले हफ्ते सिविल में लगभग 175 से 190 मरीज दाखिल हुए थे। जिसमें से 30 से अधिक क्रिटिकल कोरोना मरीजों को ट्राएज एरिया में इलाज दिया जा रहा है। नई सिविल अस्पताल के स्टेम-सेल बिल्डिंग में कार्यरत हॉस्पिटल में जब भी कोई एम्ब्युलेस्न मरीज को लेकर आता है, तो उसकी परिस्थिति के आधार पर और ऑक्सीजन की जरूरत के हिसाब से उनका इलाज शुरू किया जाता है। जिसके बाद उन्हें अन्य वोर्ड में स्थलांतर किया जाता है। 

सिविल अस्पताल के मेडिकल मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ केएन भट्ट बताते हैं कि कोविड-19 बिल्डिंग के ट्राएज एरिया में ग्राउंड फ्लोर पर नव क्रिटिकल आईसीयू बेड और 15 सेमी क्रिटिकल आईसीयू बेड मिलाकर कुल 24 अद्यतन बेड के साथ वाला रूम उपलब्ध है। इस रूम में ऑक्सीजन वेंटिलेटर सहित सभी सुविधा उपलब्ध है। एम्ब्युलेंस में जब मरीज आता है तो, तो तुरंत ही उसको ओपीडी में प्रवेश ना देकर ट्राएज एरिया में पहले उसे सैटल किया जाता है। जिसके बाद जरूरत के हिसाब से उन्हें वोर्ड में भेजा जाता है
पूरे दिन के दौरान यहां तीन शिफ्ट में काम किया जाता है।  जिसमें एक शित्फ के क्रिटिकल वोर्डर्ड में 4 डॉक्टर नर्सिंग स्टाफ और सर्वेंट इस तरह से कुल 9 जन का स्टाफ सेमी क्रिटिकल में और 9 जन का स्टाफ क्रिटिकल में है। इस तरह 18 जनों का एक स्टाफ इस तरह से तीन स्टाफ है। सभी स्टाफ तीन शिफ्ट में काम करते हैं फिलहाल सिविल में रोज के 30 से अधिक मरीज दाखिल हो रहे हैं जिसके लिए डॉ. चिराग पटेल, डॉ श्री राम डॉक्टर, नवीन हिंडोले, डॉ केयूर पटेल, डॉ पूजा चौधरी सहित सभी क का स्टाफ काफी सराहनीय काम कर रहे हैं। 
बता दें कि ट्राएज एरिया मतलब हॉस्पिटल का वह इलाका, जहां मरीज को सबसे पहले लाया जाता है और एक विशेषज्ञ टीम द्वारा उसकी शारीरिक स्थिति और बीमारी की गंभीरता को चेक किया जाता है। इमरजेंसी का मुख्य आधार स्तंभ प्राइस एरिया ही है। ऐसे में वह दर्द के लिए जान बचाने वाला साबित हो सकता है।  जब एक से कई ज्यादा मरीज दाखिल हो जाते हैं तो किस मरीज को उसके हालत को देखते हुए प्राथमिकता देना ही ट्राएज  एरिया का मुख्य ध्येय है। 

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