कोरोना काल में पुराने वाहनों की खरीद का जोरों पर है ट्रेंड

कोरोना के कारण कम हुई आय और BS6 इंजिन वाली गाड़ियों के अधिक कीमत के चलते लोग पसंद कर रहे है पुरानी कारों को खरीदना

देश भर में फैली हुई कोरोना महामारी ने पूरे सिस्टम को हिला डाला है। देश भर में लोग मास्क और सामाजिक दूरी के नियम का पालन करने के लिए बाध्य हुये है। ऐसे में सामाजिक दूरी के नियम का पालन करने के लिए अधिकतर लोग पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन का इस्तेमाल करने को मजबूर हुये है। ऑफिस से घर आने और घर से ऑफिस जाने के लिए लोग अपने खुद की गाड़ी का इस्तेमाल करना ही सलामत मान रहे है। इसी कारण सर कोरोना काल में लोग भारी संख्या में जुनी कार खरीद रहे है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल के मुक़ाबले इस साल पुरानी कारों की खरीदी तीन गुना बढ़ गई है। 
एक्स्पर्ट्स की माने तो कोरोना के संकट में लोगों की आय तो कम हो गई है, पर लोग अपनी कार से ही यात्रा करना पसंद करते है। इस लिए सेकंड हेंड कार उनकी पहली पसंद बनी है। एक ऑनलाइन कार शॉपिंग वैबसाइट के अनुसार साल 2020-21 में लगभग 39 लाख जुनी कार बिकी थी। बता दे की यह आंकड़ा साल 2019-20 में मात्र 14 लाख का था। मतलब की पिछले साल के मुक़ाबले लगभग 3 गुना ज्यादा। 
इसके अलावा नए मोटर व्हिकल अधिनियम के अनुसार सभी नई गाड़ियों में BS6 इंजिन होना चाहिए। जिसकी कीमत भी थोड़ी ज्यादा है। ऐसी परिस्थिति में लोगों ने नई महंगी गाड़ियों को खरीदने की जगह सेकंड हेंड कार खरीदना ज्यादा मुनासिब माना है। इसके अलावा साल 2020-21 के पहले क्वार्टर में नए गाड़ियों की खरीदी में 36य प्रतिशत की कमी आई है। हालांकि एक्स्पर्ट्स कहते है की विभिन्न राज्यों में लोकडाउन के नियमों के कारण नए वाहनों की बिक्री कम हुई है। 

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