मुंबई में कोरोना की दूसरी लहर का सूरत के हीरा उद्योग को ऐसे हुआ खूब फायदा!

एक ही महीने में किया 6 हजार करोड़ के हीरे का निर्यात, मुंबई की जगह सूरत को डायमंड के व्यापार के लिए पसंद कर रहे है लोग

महाराष्ट्र में कोरोना की स्थिति बिगड़ने से सरकार ने 1 जून तक लोकडाउन बढ़ा दिया है। महाराष्ट्र में बढ़े इस लोकडाउन की असर राज्य के हीरा उद्योग के उत्पादन में भी पड़ी है। ऐसे में डायमंड हब माने जाने वाले सूरत से डायमंड के निकास का प्रमाण बढ़ा है। 
विदेशो में कोरोना काल में भी डायमंड की डिमांड निकलने के कारण सूरत से होने वाले हीरा के निर्यात में इजाफा देखने मिला है। अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 तक कुल 9600 करोड़ के नेचरल डायमंड की निर्यात हुई है। इसके अलावा मार्च 2021 में ही 6 हजार करोड़ के नेचरल डायमंड की निर्यात हुई है। एक और मुंबई में लोकडाउन बढ़ा है वहीं दूसरी और गुजरात में भी रात्री कर्फ़्यू के अलावा व्यापार पर भी नियंत्रण किया गया है। इसके बावजूद सूरत से डायमंड की निर्यात बढ़ी है। डायमंड की कई कंपनियाँ सूरत में स्थानांतरण कर रही है। इन सभी के कारण भी सूरत से डायमंड की निर्यात बढ़ी है। 
उल्लेखनीय है सूरत में से मात्र मार्च महीने में ही नेचरल पोलिश्ड़ डायमंड के 5948 करोड़ का निर्यात हुआ था, जबकि 388.14 करोड़ के सिंथेटिक डायमंड निर्यात किए गए है। मुंबई में हुआ लोकडाउन खास तौर पर सूरत को फायदा देकर गया है। वैसे भी सूरत में डायमंड बुर्स का निर्माण हो रहा है। जिसके चलते कई व्यापारी हीरे के व्यापार के लिए मुंबई के बदले अब सूरत को ही पसंद कर रहे है। बता दे की सूरत मे बनने वाला डायमंड बुर्स दुनिया का सबसे बड़ा डायमंड हब बनेगा। जिसमें एक ही छत के नीचे 4500 ऑफिस में लगभग 65 हजार लोग काम करेंगे। वहीं बुर्स बनने के बाद लगभग डेढ़ लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। 

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