आतंकियों को आसरा देने वालों की संपत्ति जब्त कर बेघर कर दिया जाएगा!

(File Photo: IANS)

दिल्ली हाई कोर्ट ने आईएसआईएस के आतंकी नफीस खान को मिली 10 साल की कैद की सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर की सुनवाई

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरुवार को चेतावनी जारी की कि कश्मीर में आतंकवादियों को शरण देने वालों को बेघर किया जाएगा और आतंकवादियों के संरक्षकों की संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। दूसरी ओर दिल्ली हाई कोर्ट ने आईएसआईएस के आतंकी नफीस खान को मिली 10 साल की कैद की सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, 'कल्पना कीजिए कि अगर नफीस द्वारा बनाए गए आईईडी में विस्फोट होता तो कितनी जानें जातीं!”
बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरुवार को कहा कि आतंकवादियों को उनके घरों में छुपाने वालों की संपत्ति यूएपीए अधिनियम के तहत जब्त कर ली जाएगी। पुलिस ने ऐसे लोगों की संपत्ति को भी जब्त करना शुरू कर दिया है। आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल किए गए घरों को जब्त करने के लिए यूएपी अधिनियम की धारा 4 (जी) और यूएलपी की धारा 4 के तहत कार्यवाही शुरू की गई है। पुलिस ने कहा कि संपत्ति को जब्त कर लिया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे आतंकवादियों और आतंक फैलाने की कोशिश करने वालों का समर्थन ना करें और उन्हें पनाह न दें। दूसरी ओर, दिल्ली उच्च न्यायालय आईएसआईएस आतंकवादी नफीस खान को मिली 10 साल की सजा को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की पीठ ने कहा कि मोहम्मद नफीस खान के खिलाफ आरोप गंभीर हैं। आरोपी ने कबूल किया कि वह देश में आतंक फैलाने के लिए आईईडी बना रहा था। सोचिए अगर यह आईईडी फट गया होता तो कितनी जानें जातीं? पीठ ने स्पष्ट किया कि नफीस के खिलाफ आरोप गंभीर हैं और वह अपने कार्यों के लिए जिम्मेदार है। 16 अक्टूबर, 2020 को एक अदालत ने नफीस खान को आतंकवादी संगठन IAIS का सदस्य होने और भारत में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से मुस्लिम युवाओं को भर्ती करने की साजिश रचने के लिए 10 साल जेल और 1.03 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने नफीस समेत 13 दोषियों को दोषी करार दिया।

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