झूम कॉल पर 900 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने वाले सीईओ ने फिर से संभाली अपनी कुर्सी

विशाल गर्ग (Better.com के संस्थापक)

कोरोना के दौरान न्यूयोर्क सिटी पब्लिक स्कूल के छात्रों के ऑनलाइन शिक्षा सुधारने के लिए 20 लाख डॉलर का दान दिया था

कुछ ही समय पहले एक झूम कोल के माध्यम से एक साथ 900 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल देने वाले खडुस बॉस विशाल गर्ग तो आप सभी को याद ही होंगे। अपने तीन मिनट के झूम कॉल में विशाल ने एक साथ ही अपनी कंपनी के 900 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। हालांकि इसके बाद दुनिया भर में उनकी आलोचना हुई थी। जिसके चलते बोर्ड ने उन्हें कुछ दिनों के लिए छुट्टी पर जाने का निर्णय किया था। हालांकि अब उनकी छुट्टियाँ खतम हो चुकी है और उन्होंने फिर से अपनी खुर्शी फिर से सँभाल ली है। 
दुनिया भर में विवादित झूम कॉल के कारण मशहूर विशाल का जन्म भारत में हुआ था, पर इसके बाद वह अमेरिका के न्यूयोर्क चले गए थे। न्यूयोर्क में उन्होंने फायनांस और इन्टरनेशनल बिजनेस कि पढ़ाई की और पढ़ाई के दौरान ही अपनी पहली इनवेस्टमेंट कंपनी शुरू की थी। साल 2014 में उन्होंने Better.com नाम की कंपनी शुरू की थी। जो की घरमालिकों को होम लोन सहित की सेवा देती है। जब विशाल गर्ग ने झूम कॉल पर कर्मचारियों की छुट्टी की तो उन्होंने काफी कठोर भाषा का इस्तेमाल किया था। इसके बाद उनकी कंपनी के कर्मचारी भी उनके साथ बुरा वर्तन कर रहे है।  
विशाल गर्ग की जिंदगी की बात करे तो वह न्यूयोर्क की सबसे महंगी जगह ट्रेबेका में रहते है। उनके तीन बेडरूम वाले घर का किराया हर महीने 17 हजार डॉलर यानि की तकरीबन 13 लाख रुपए है, जहां वह अपनी पत्नी और तीन बालकों के साथ रहते है। विशाल गर्ग ने अपने बिजनेस पार्टनर रझा खान को जिंदा जला देने की भी धमकी दी थी। विशाल और रझा दोनों 90 के दशक में न्यूयोर्क यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे, तब दोनों ने साथ में बिजनेस शुरू किया। जिसमें उन्होंने कंपनी के 30 लाख डॉलर विशाल ने अपने निजी अकाउंट में डाल लिए होने का आरोप लगाया था। जिस पर विशाल ने उन्हें जला देने की धमकी दी थी। हालांकि बाद में उन्होंने इस बात को लेकर माफी भी मांगी थी। 
विशाल कोरोना के कारण काफी चर्चा में रहे थे। इस दौरान उन्होंने न्यूयोर्क सिटी पब्लिक स्कूल के छात्रों के ऑनलाइन शिक्षा सुधारने के लिए 20 लाख डॉलर का दान दिया था। जिससे उन्होंने बच्चों के लिए क्रोमबुक, आईपेड, वाईफ़ाई हॉटस्पॉट, किताबें और कपड़े खरीदने में सहायता की थी। 

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