वैक्सीन के नुकसान की तुलना में फायदें ज्यादा, एक व्यक्ति की मृत्यु की पुष्टि

राष्ट्रिय AEFI कमेटी ने टीकाकरण के कारण सामने आए 31 सिरियस मामलों का किया आकलन

देश भर में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण का कार्य शुरू हो चुका है। सरकार द्वारा हर किसी को जल्द से जल्द टीका मिल सके इस लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे है। हालांकि कई लोग अभी भी टीकाकरण के खिलाफ है। कई लोगों को टीके के प्रति विभिन्न भ्रांतियाँ भी है, जिसके चलते वह टीकाकरण के खिलाफ है। कई लोगों द्वारा टीकाकरण के कारण लोगों की मौत होने की खबरे भी सामने आई है। ऐसे में अफली बार राष्ट्रिय AEFI कमेटी ने 1 व्यक्ति की कोरोना वैक्सीन के कारण मौत हुई होने की बात को स्वीकार किया है। 
एईएफ़आई कमेटी द्वारा दी गई अपनी रिपोर्ट में कहा गया की वैक्सीन की नुकसान की तुलना में उसके फायदे कहीं अधिक है। कमेटी द्वारा टीकाकरण के बाद सामने आए 31 सिरियस मामलों का हवाला देते हुये अपनी रिपोर्ट तैयार की थी। जब से टीकाकरण की शुरुआत हुई है वैक्सीन की असर को लेकर 31 मामले सामने आए थे, जिसमें से 28 की मौत हुई थी। हालांकि इन 28 मौतों में से मात्र एक की मौत ही कोरोना के कारण हुई थी। तीन लोगों में एनाफिलेक्सिस की शिकायत देखि गई, जो अस्पताल में भर्ती होने के बाद ठीक हो गई। 
कमेटी ने बताया की टीकाकरण के बाद सामने आए 31 सिरियस मामलों को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया था। जिसमें 18 मामलों को टीकाकरण से नहीं जुड़े होने की माना गया है। इसके अलावा 3 मामलों को एनाफिलेक्सिस का माना गया है। इसके अलावा 7 मामले को अवर्गीकृत रखा गया है, जिसके लिए कोई पर्याप्त डाटा नहीं है। राष्ट्रीय एईएफ़आई कमेटी ने कहा की टीकाकरण के बारे में कहा की इस तरह की घटनाओं का यह मतलब नहीं है की घटनाएँ कोरोना वैक्सीन के कारण हुई थी। कमेटी के अनुसार अधिकतर मामलों में स्ट्रोक, दिल का दौरा उआ अन्य बीमारियों के कारण लोगों की मौत हुई थी। 
इन सबके अलावा AEFI कमेटी ने बताया की वैक्सीन के नुकसान से उसके फायदे कही अधिक है। अप्रैल 2021 के आंकड़ो के अनुसार, कोरोना वैक्सीन की प्रति मिलियन डोज़ पर अस्पताल में भर्ती होने की दर मात्र 4.8 है। जिससे यह कहा जा सकता है की वैक्सीन के नुकसान बेहद कम या नहीं है, जबकि उसके फायदे कहीं ज्यादा है। 

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