हर किराए के घर पर नहीं चुकाना टैक्स, कारोबार के लिए या कंपनी को किराये पर ही देना होगा जीएसटी

जीएसटी काउंसिल की हाल की हुई बैठक में जीएसटी से जुड़े कई नियमों में बदलाव किया गया

हाल ही में जीएसटी कॉउंसिल ने किराए के घर पर जीएसटी लगाने की बात कही थी। अब उस नियम पर एक अपडेट आया है। जीएसटी काउंसिल की हाल की हुई बैठक में जीएसटी से जुड़े कई नियमों में बदलाव किया गया। इनमें घर के किराए से जुड़े नियम शामिल हैं।
आपको बता दें कि इन नियमों के मुताबिक हर घर को किराए पर देने पर जीएसटी नहीं चुकाना बल्कि कुछ खास स्थितियों में घर के किराए पर जीएसटी चुकाना होगा। जिसमें कारोबार के लिए या कंपनी को किराये पर घर देना शामिल है। नियमों के मुताबिक अगर कोई किरायेदार जिसमें शख्स या छोटा कारोबारी कोई भी शामिल हो सकता है, जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड है तो उसे किराए पर जीएसटी चुकाना होगा। हालांकि किरायेदार भुगतान किए गए जीएसटी को इनपुट टैक्स क्रेडिट के तहत डिडक्शन के रूप में क्लेम कर सकता है। वहीं अगर घर अपने खुद के इस्तेमाल के लिए किराये पर लिया जा रहा है तो कोई टैक्स नहीं पड़ेगा। नियमों के मुताबिक अगर आप नौकरी पेशा हैं और आपने कोई घर या फ्लैट अपने इस्तेमाल के लिए किराए पर लिया है तो आपको किराए पर कोई जीएसटी नहीं देना होगा। नए नियम 18 जुलाई से लागू हो गए हैं।
आपको बता दें कि पहले आये इस नियम पर लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी थी। इस पर सरकार ने साफ किया कि ये जीएसटी सभी लोगों पर नहीं पड़ेगी। जीएसटी सिर्फ उस स्थिति में लगेगा जब प्रॉपर्टी किसी बिजनेस को किराये पर दी जाती है। यानि किरायेदार इस प्रॉपर्टी का इस्तेमाल कारोबार के लिए करता है। दरअसल खबर के बाद सोशल मीडिया पर ऐसी बातें आने लगी थी जिससे लग रहा था कि सभी किरायेदारों को अतिरिक्त पैसा देना पड़ेगा, हालांकि ऐसा नहीं है।
गौरतलब है कि नए नियमों के तहत अगर मकान मालिक और किरायेदार दोनो ही जीएसटी में रजिस्टर्ड नहीं है यानि कारोबार नहीं करते. तो ऐसे मामले में किराए पर जीएसटी का नियम लागू नहीं होगा। वहीं अगर कोई जीएसटी अनरजिस्टर्ड शख्स जैसे वेतनभोगी या छोटा कारोबारी अपना फ्लैट या प्रॉपर्टी जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड शख्स को जैसे कोई कंपनी को किराये पर देता है तो इस किराए पर जीएसटी लागू होगा और किराएदार को किराए पर 18 प्रतिशत का जीएसटी देना होगा पर अगर किराएदार जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड नही है तो ये टैक्स लागू नहीं होगा। वहीं कोई कंपनी या व्यक्ति अपनी आवासीय प्रॉपर्टी को कर्मचारी के रहने, गेस्ट हाउस या दफ्तर के इस्तेमाल के लिए देता है तो उस कर्मचारी या कंपनी जो वो आवासीय प्रॉपर्टी किराये पर ले रही है, को 18 प्रतिशत का जीएसटी चुकाना होगा। इस जीएसटी का भुगतान किरायेदार को करना होगा। वहीं अगर किसी कंपनी ने अपने कर्मचारी के लिए आवासीय फ्लैट लिया है और मकान मालिक जीएसटी में रजिस्टर्ड नहीं है तो ऐसी स्थिति में भी कंपनी को किराये पर 18 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान करना होगा।

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