सूरत : कपडे पर प्रस्तावित जीएसटी के खिलाफ काली पट्टी बांधकर काले झंडे लहराने का करेंगे आयोजन

देश के सभी बडी व्यापारी मंडियों के प्रतिनिधियों के साथ झुम मीटिंग आयोजित हुई

कपडे पर प्रस्तावित जीएसटी के खिलाफ 30 दिसंबर को काली पट्टी पहनकर काले झंडे लहराने का आयोजन और १ जनवरी से बि‌लिंग नही करने का निर्णय

1 से 10 जनवरी तक बिलिंग नही करने का निर्णय लियाः भरतभाई गांधी 
चेम्बर ऑफ कोमर्स में जीएसटी रेट स्ट्रक्टर को लेकर फियास्वी के सहयोग से ऑनलाईन देश के सभी बडी व्यापारी मंडियों के प्रतिनिधियों के साथ झुम मीटिंग का आयोजन किया गया। फियास्वी अध्यक्ष भरत गांधी ने कहा की कपडे पर प्रस्तावित 12 प्रतिशत जीएसटी दर कम करने के वित्त मंत्री 31 दिसंबर से पूर्व जीएसटी काऊन्सींल की बैठक आयोजित करे। इस लिए सभी व्यापारी संगठनों को 30 दिसंबर को काला दिन मनाए और सोयी हुई सरकार अगर नही जगती है तो फिर 1 जनवरी से लागु 12 प्रतिशत जीएसटी में बिलिंग नही करने का निर्णय लिया। 
चेम्बर ऑफ कोमर्स और टेक्सटाईल से जुडे सभी व्यापारी संगठनों की नानपुरा स्थित समुध्दि बिल्डिंग में बैठक आयोजित हुयी। चेम्बर अध्यक्ष आशिष गुजराती और फियास्वी के अध्यक्ष भरत गांधी की अध्यक्षता में ऑनलाईन झुम मीटिंग आयोजित हुई। सूरत सहित राज्य और देश के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई जिसमें कपडे पर 5 प्रतिशत जीएसटी 1 जनवरी 2021 से 12 प्रतिशत होने वाली है उसका पुरजोश विरोध किया गया। अब तक विभिन्न संगठनों ने टेक्सटाईल मंत्री, वित्तमंत्री, जीएसटी सचिव सहित संबंधित सांसदों, विधायको, विभिन्न राज्यों को मुख्यमंत्री, वित्तमंत्रीओं से रजुआत की गयी। कपडा मंत्री सहित सभी संगठन कपडे पर 5 प्रतिशत जीएसटी यथावत रखने की मांग कर हे है मगर वित्तमंत्री और जीएसटी काऊन्सील 12 प्रतिशत लगाने पर आमादा है। 
चेम्बर के उपाध्यक्ष हिमांशु बोडावाला ने कहा कि जीएसटी से पहले सरकार की आय 8 हजार करोड थी जो जीएसटी के बाद 35000 करोड हो गयी है। सरकार आय प्राप्त करने के लिए कपडे पर 5 से 12 प्रतिशत जीएसटी लगाने के लिए तैयार है जिसका उद्योग जगत कडा विरोध करना चाहिए।
चेम्बर अध्यक्ष आशिष गुजराती ने कहा कि इन्वर्टेड ड्युटी स्ट्रक्टर करेक्शन नही होगा। सूरत के सांसद एवं कपडा मंत्री दर्शना जरदोष तथा नवसारी के सांसद सी.आर.पाटील ने भी जीएसटी दर यथावत रखने के लिए वित्तमंत्री को ज्ञापन दिया है। वित्तमंत्री और जीएसटी काऊन्सील के सचीव 31 दिसंबर से पूर्व जीएसटी काऊन्सील की बैठक बुलाए और उसमें कपडे पर पुर्ववत 5 प्रतिशत जीएसटी के लिए कडी कार्यवाही करनी चाहिए। 
सचीन जीआईडीसी के अग्रणी मयुर गोलवाला ने कहा कि कपडे पर जीएसटी बढने से देश में महंगाई बढेगी और लोगो की खरीदशक्ति कम होगी जिससे सरकार को रेवेन्यु लोस होगा। तैयार कपडा अगर कोई खरीदेगा नही तो कपडा बनना कम हो जायेगा। कपडे पर जीएसटी बढ़ाने से सरकार की रेवेन्यु कम होगी यह बात सरकार तक पहुचानी होगी। इंडस्ट्री  31 दिसंबर तक भले बंद की घोषणा न करे मगर काली पट्टी पहनकर विरोध जरूर करना चाहिए। 
भरत गांधी ने अंत में कहा कि सभी सदस्यों और पदाधिकारियों की राय सूनने के बाद कपडे पर 12 प्रतिशत जीएसटी कतई मंजुर नही है। सरकार  31 दिसंबर से पूर्व जीएसटी काऊन्सील की मीटिंग बुलाकर अध्यादेश वापस ले। सरकार तक आवाज पहुंचाने के लिए 30 दिसंबर को दोपहर 12 से 1 बजे तक सभी औद्योगिक संगठन काली पट्टी पहनकर काले झंडे लहराए और उसके फोटो सोश्यल मीडिया के माध्यम से वित्तमंत्री जीएसटी काऊन्सील तक पहुंचाए। उसके बाद भी अगर सरकार अपने निर्णय में बदलाव नही करती है तो 1 जनवरी से छोटा बडा हरकोई व्यापारी 12 प्रतिशत जीएसटी का बिल नही बनाए। दुकान, ऑफिस , फैक्ट्री खोले मगर 12 प्रतिशत जीएसटी में धंधा न कर सरकार को जवाब दे। दस दिनों तक समग्र देश में बिलिंग नही बनेंगे को सरकार को 11 जनवरी की फैसला लेने के लिए मजबुर होना होगा। 

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