सूरत : पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच नगर निगम ने अवैध रूप से स्थापित मदरसे को तोड़ा

स्वेच्छा से नहीं गिराया तब नगर पालिका ने अंतत: दबाव को हटाया

नगर निगम के स्टाफ ने सरकारी जमीन पर बनाए गए अवैध मदरसे का डिमोलिशन किया

नगर पालिका के अधिकारियों ने पुलिस की मदद से ऑपरेशन को अंजाम दिया
सूरत के गोपीपुरा इलाके में अवैध रूप से एक मदरसा बनाया गया था। मदरसों के संचालकों को निगम बार-बार नोटिस भेज चुका है। हालांकि, मदरसे को स्वेच्छा से नहीं तोड़ने की कानूनी कार्रवाई के बाद निगम द्वारा आज तोड़फोड़ की गई। तोड़फोड़ के दौरान पूरे इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के कड़े बंदोबस्त किए गए थे।
गोपीपुरा क्षेत्र में मदरसे के निर्माण के बाद निगम के संज्ञान में लाए जाने के बाद मदरसे को हटाने का प्रयास किया गया। इसके बाद मदरसा प्रशासक पूरे मामले को वक्फ बोर्ड ले गए। वक्फ बोर्ड के बाद मामला उच्च न्यायालय में गया और उच्च न्यायालय ने निर्माण को अवैध घोषित कर दिया और सूरत नगर निगम इसे अपने अधिकार से हटा सकता है। कोर्ट नगर निगम को एक तरह से अवैध निर्माण को हटाने आदेश दिया। इसी को ध्यान में रखते हुए आज निगम की टीम द्वारा तोड़फोड़ की प्रक्रिया शुरू की गई और मदरसे को तोड़ा गया।
मदरसा प्रशासकों ने अवैध निर्माण को वैध बनाने के लिए अपने नाम से टैक्स बिल लाने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन असेसमेंट डिपार्टमेंट ने कुछ सबूत मांगे थे। जिसके आधार पर यह तय किया गया कि वह इस संपत्ति के मालिक नहीं हैं। मदरसा प्रशासकों द्वारा कर निर्धारण विभाग द्वारा कर न लगाने की समस्या और बढ़ गई थी। गोपीतालाब के पास एक अवैध मदरसे को लेकर वक्फ बोर्ड में विवाद चल रहा था। नगर पालिका ने अदालत में सबूत पेश कर साबित किया था कि मदरसा सरकारी जमीन पर बनाया गया है। अंतत: सभी नीतिगत नियमों के आधार पर पुलिस की हेराफेरी के बीच निगम द्वारा शांतिपूर्वक विध्वंस कार्य को अंजाम दिया गया।

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