सूरत : कपड़ा बाजार से बाहरी राज्यों में डिस्पैचिंग बढ़ी, रोजाना 40 हजार से ज्यादा पार्सलों की डिलीवरी

कपड़ा बाजार की फिर से लौटी रौनक

कोविड महामारी के कारण पिछले दो साल से कारोबार में भारी नुकसान झेल रहे कपड़ा बाजार के व्यापारियों अब राहत मिली है। बाहरी राज्यों से बड़े पैमाने पर आर्डर मिल रहे है, जिसके कारण अलग-अलग मार्केटो में डिस्पेचिंग के लिए फिनिश्ड पार्सलों अंबार लग गया है। कपड़ा बाजार क्षेत्र में नहीं, लगभग हर बाजार में पार्सलों की डिलीवरी बढु गई है। 
बाहरी खुदरा विक्रेताओं के ऑर्डर पूरा करने के लिए पिछले कुछ दिनों से पार्सलों का डिस्पेचिंग का कामकाज काफी बढ़ गया। देशभर की अलग-अलग मंडियों से ऑर्डर मिल रहे हैं। हर तरह के क्वॉलिटी की मांग के चलते इस समय छोटे और बड़े व्यापारियों में खुशी का माहौल हैं। पिछले 12-15 दिनों में बाजारों से पार्सलों की डिलीवरी में भारी उछाल देखने को मिला है। सूरत से रोजाना देश के ज्यादातर राज्यों की मंडियों में माल भेजा जा रहा है।
गुजरात और महाराष्ट्र के मार्केटों के लिए लोकल ट्रांसपोर्टरों से ले जाया जाता है। इसके अलावा बड़ी संख्या में पार्सल रेलवे के माध्यम से भी भेजे जा रहे हैं। अधिकांश पार्सल यूपी, पंजाब, दिल्ली और विभिन्न दक्षिणी राज्यों में भेजे जा रहे हैं।
पिछले एक पखवाड़े में कपड़ा बाजार से पार्सल की डिस्पैच में जबरदस्त इजाफा हुआ है। ट्रांसपोर्ट गोदाम में प्रतिदिन 40 हजार से अधिक पार्सल भेजे जाते हैं। सूत्रों ने बताया कि रोजाना करीब 1500 से 2000 पार्सल बड़े मार्केट से और 500 से 1000 पार्सल छोटे मार्केट से भेजे जाते हैं। व्यापारियों के साथ-साथ पार्सल बनाने और काटने-पैकिंग में लगे कारीगर-श्रमिक वर्ग वर्तमान में व्यस्त हैं।

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