सूरतः रेमडेसिविर इंजेक्शन के बारे में सी.आर. पाटिल ने क्या कहा, जानें

भाजपा कार्यालय के बाहर दूसरे दिन भी इंजेक्शन के लिए लंबी लाइन

भाजपा कार्यालय से इंजेक्शन के वितरण पर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने 5000 इंजेक्शन देने की घोषणा के बाद, रविवार को दूसरे दिन, उधना में भाजपा कार्यालय से रेमडेसिविर इंजेक्शन वितरित किए गये। इंजेक्शन पाने के लिए सुबह से ही लोगों की लंबी लाइनें लग गई। पिछले दिन 900 से अधिक इंजेक्शन वितरित किए गए थे। इसके साथ ही एक नया विवाद भी पैदा हो गया है।
जबकि लोग सूरत में रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए भटक रहे थे, शुक्रवार रात को जिला कलेक्टर ने घोषणा की कि दोनो सरकारी नई सिविल अस्पताल एवं स्मीमेर अस्पताल से निजी अस्पतालों को  इंजेक्शन आवंटित नहीं किया जाएगा क्योंकि नई सिविल और स्मीमेर अस्पतालों के पास खुद के लिए आरक्षित मात्रा के अलावा स्टॉक नहीं था। ऐसे में बीजेपी अध्यक्ष सीआर पाटिल ने शनिवार को 5000 रेमडेसिविर के इंजेक्शन की घोषणा की और पिछले दिन से वितरण शुरू किया। लोगों की भीड़ का आज दूसरा दिन है। एक किलोमीटर तक लंबी लाइनें देखी गई। 
भाजपा कार्यालय से रेमडेसिविर इंजेक्शन के वितरण पर विवाद छिड़ गया है। जिला कलेक्टर ने निजी अस्पतालों के लिए इंजेक्शन का जत्था नहीं है इस तरह की घोषणा के एक घंटे के भीतर भाजपा कार्यालय पर इंजेक्शन पहुंच गया और टोकन देने के बाद 900 से अधिक इंजेक्शन वितरण किये गये। जिन लोगों को इंजेक्शन नहीं मिला  वे बवाल मचाये । जबकि 100 इंजेक्शन नवसारी भेजे गए।
इंजेक्शन के मुद्दे ने राजनीतिक विवाद को भी जन्म दिया। मुख्यमंत्री विजय रूपानी और प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल के बीच चल रहे आंतरिक विवाद को भी उजागर किया गया। रूपानी ने स्पष्ट किया, कि सीआर पाटिल से पूछिए कि इंजेक्शन की मात्रा कहां से आई है।" लेकिन जिस तरह से सूरत कोरोना की चपेट में है उससे सीआर पाटिल नाराज थे। सरकार को जो करना चाहिए था, वह नहीं करने पर  सीआर पाटिल ने खुद ही मैदान में उतरे और सरकारी तंत्र के उपयोग के बिना स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया है।
कोरोना की सर्जित परिस्थ‌िति में लोगों की मदद करने के लिए निःशुल्क इंजेक्शन दिए गए हैं। इसमें कोई और इरादा नहीं है। सभी के लिए नि: शुल्क इंजेक्शन आवंटित किए गए हैं। नवसारी के लिए 100 और सूरत शहर के लिए 900 इंजेक्शन वितरित किए गए हैं। स्टॉक आने पर जरूरतमंदों को आवंटित किये जाएंगे।  इंजेक्शन का स्टॉक कहां से आया इस संदर्भ में सीआर पाटिल ने खुलासा करते हुए कहा कि हमारे शुभचिंतकों ने इसे खरीदा है और हमें दिया है। सरकार से एक भी इंजेक्शन नहीं लिया गया है। कंपनी से भुगतान किया और रोगियों को मुफ्त में दिया।

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