सूरत : वैक्सीनेशन के कारण रक्तदान की प्रवृत्ति को आई हैं आंच, जानें ब्लैक बैंक क्या अपील कर रहे

प्रतिकात्मक तस्वीर(Photo Credit : pixabay.com)

टीकाकरण के पहले रक्तदान करने की ब्लड बैंकों ने की अपील

कोरोना के कारण शहर में लोगों की हालत काफी नाजुक है। ऐसे में शहर में बढ़ रहे केसों के बीच रक्तदान की प्रवृति को भी काफी असर आई है। शहर में फिलहाल कोरोना के मरीजों के इलाज के दौरान से अस्पतालों में खून की काफी कमी दर्ज हुई है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा 1 मई से 18 साल से ऊपर के सभी नागरिकों का टीकाकारण शुरू करने की पहल की गई है। हालांकि इस टीकाकरण के कारण शहर में रक्तदान की प्रवृति में और भी कमी आएगी ऐसा ब्लडबैंक के अधिकारियों का कहना है। 
बता दे की कोरोना का पहला टीका लेने के 28 दिन के बाद ही रक्तदान किया जा सकता है। इसके बाद रक्तदान करने के बाद फिर से दूसरा डोज़ लेकर 28 दिन के बाद रक्तदान हो सकता है। हाल्ङ्कि जिन्हों ने पहले टीके के बाद रक्तदान नहीं किया है, वह सीधा तीन महीने के बाद ही रक्तदान करने के लायक होंगे। लोक समर्पण रक्तदान केंद्र के ब्लड डोनेशन कैंप के आयोजक दिलीप भाई ने कहा का शहर में सिकलसेल, थेलेसेमिया, डायलिसिस पेशंट के लिए खून की जरूरत रहती है। पर कोरोना के कारण रक्तदान कैंप में कमी आई है। इसलिए ब्लडबैंक में खून की कमी है। 
टीका लेने के बाद शरीर में एंटीबॉडी बनती है, ऐसे में शरीर में अशक्ति होने की संभावना है। इस दौरान लोग रक्तदान करने में डरते है। ऐसे में शहर में खून की कमी ना हो इसलिए लोक समर्पण रक्तदान केंद्र द्वारा टीकाकरण अभियान के तहत सभी डोनर्स को टीका लगवाने के पहले रक्तदान करने की अपील की गई है। 

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