सूरत : सिविल अस्पताल की बलिहारी; कोविड सेंटर में मृत मरीज़ को हेल्प डेस्क ने बताया जिंदा!

रात को 10:30 बजे ही मृत्यु को प्राप्त हुये व्यक्ति की हालत सुबह बताई गंभीर, परिवार वालों ने की आरएमओ से शिकायत पर नहीं सुनी किसी ने

सिविल हॉस्पिटल में लापरवाही के कारण रोज-रोज मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिविल हॉस्पिटल में मरीजों की सुविधा के लिए शुरू किया गया हेल्प डेस्क लापरवाही की भेंट चढ गया है। कोरोना के कारण दाखिल एक मरीज के परिवारजनों को सबेरे बताया गया कि परिजन की हालत खराब है। इसके बाद दोपहर को बताया गया कि उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। असमंजस में पड़े परिवारजनों ने जब नाराजगी व्यक्त की तब पता चला कि मरीज की रात को मौत हो चुकी है। इस तरह से हेल्प डेस्क पर गोल-गोल जवाब मिलने के कारण परिवारजन परेशान हो गए हैं।
पुणा कुंभारिया की स्काई संगिनी में रहने वाले 35 साल के विजय कुमार कन्हैया प्रसाद मिश्रा को कुछ दिनों पहले शारीरिक कमजोरी के कारण उल्टी होने से निजी हॉस्पिटल में दाखिल किया गयाथा। तबियत और खराब हो गई तब उन्हें सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया। उन्हें एडमिट करने के बाद परिवारजनों को पास बनाकर दे दिया गया था। मंगलवार को सवेरे पर जब उनके परिवार जन तबीयत पूछने गए तब कहा गया कि मरीज को पांचवी मंजिल पर लगा ले जाया गया है। उनकी हालत खराब है। 
बुधवार दोपहर 1:00 बजे पूछा गया तो जवाब मिला कि मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया है। तब परिवारजनों ने कहा कि कुछ देर पहले ही सीरियस होने की जानकारी दी थी और अब कह रहे हो कि डिस्चार्ज कर दिया गया? आपके पास डिस्चार्ज पेपर हो तो दीजिए। कुछ देर बाद परिवारजन नाराज हो गए तो बाद में पता चला कि मरीज की सोमवार रात 10:30 बजे मौत हो गई है। यह सुनकर उनके परिवारजनों के पैरों तले जमीन सरक गई। उन्होंने कहा कि आज सवेरे तो मरीज सीरियस था तो उसकी मौत कल रात ही कैसे हो गई? अंत में मृतक के दोस्त गौरव जैन ने आरएमओ और सीनियर डॉक्टरों को इस बारे में शिकायत की थी लेकिन किसी ने नहीं सुनी। सिविल हॉस्पिटल में अव्यवस्थाओं की भरमार के बीच परिवारजन परेशान हो रहे हैं। विजय कुमार जमीन दलाली के व्यवसाय से जुड़े थे उनको एक बेटा और एक बेटी है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:


ये भी पढ़ें