कोरोना की दूसरी लहर; क्या लोगों की लापरवाही से बिगड़े हैं हालात? जानें एम्स निदेश की राय

एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया (File Photo)

लोग सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति गंभीर नहीं, बच्चों में फैल रहा संक्रमण, वैक्सीन अभियान तेज करने की जरूरत

देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर काफी खतरनाक प्रतीत हो रही है। एक दिन में 90 हजार से अधिक मामले विशेषज्ञों को चिंता में डाल रहे हैं। कोरोना की इस दूसरी लहर में पहले के मुताबिक अधिक तेजी से संक्रमण फैल रहा है। ऐसे में जानकार इस बात की तलाश में जुटे हैं कि आखिर इस नई लहर की तीव्रता का कारण क्या है और इसे थामने के लिये क्या कदम उठाये जाने चाहिये। 
देश में कोरोना महामारी के पिछले एक साल में यदि किसी विशेषज्ञ को लोगों ने ध्यान से सुना है तो वे हैं अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानि एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. रणदीप गुलेरिया की राय है कि देश में कोरोना की दूसरी लहर में खराब होते हालातों के लिये लोगों की लापरवाही सबसे बड़ा कारण है।
(Photo : IANS)
लोग कोरोना की गाइडलाइंस का पूर्णता से पालन नहीं कर रहे। सोशल डिस्टेंसिंग का अभाव है, मास्क नहीं पहने जा रहे। ऐेसे में स्थिति को नियंत्रित करने के लिये मिनी लॉकडाउन एक विकल्प हो सकता है। 
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि पहले वाली लहर में बच्चे कोरोना का शिकार नहीं हो रहे थे। लेकिन अबकी बार बच्चे भी कोरोना संक्रमित पाये जा रहे हैं। बच्चों का इम्यून सिस्टम बडों से बेहतर होता है, लेकिन फिर भी नये मामलों में बच्चे भी कोरोना की चपेट में आते दिख रहे हैं। 
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने ये भी कहा कि कोरोना की बढ़ती रफ्तार को धीमा करने में वैक्सीन अभियान को और तेज करना होगा। वैक्सीन लेने के बाद भी लोगों को गाइडलाइंस का पालन करने में कोताही नहीं बरतनी है। 

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