रेडबस ने भारत की पहली वैक्सीनेटेड बस सर्विस के शुभारंभ की घोषणा की

(Photo Credit : IANS)

600 से अधिक मार्गों पर वैक्सीनेटेड बस सर्विस का किया शुभारंभ, बिना टीकाकरण के कोई भी नहीं होगा बस में सवर

नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)| भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन बस टिकटिंग प्लेटफॉर्म रेडबस ने बस परिवहन क्षेत्र के लिए पहली बार देश में 600 से अधिक प्रमुख मार्गों पर टीकाकरण बस सेवाओं (वैक्सीनेटेड बस सर्विस) के शुभारंभ की घोषणा की है। यह नई व्यवस्था सफर करने वाले लोगों को गारंटी देती है कि इस सर्विस से जुड़ी बस को चलाने वाले ड्राइवर से लेकर कंडक्टर और इसमें यात्रा करने वाले सभी यात्रियों का कोविड-19 टीकाकरण हो चुका होगा। यानी बगैर टीका लगवाए कोई भी क्रू मेंबर या यात्री इस बस में सवार नहीं होगा।
इस खास बस सर्विस के तहत टिकट बुक करने के लिए यात्रियों को कम से कम कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज लेनी आवश्यक है और उन्हें बोडिर्ंग के समय उसका प्रमाण प्रस्तुत करना होगा और तभी उन्हें बस में चढ़ने दिया जाएगा। वैक्सीनेटेड बस को निजी साझेदार बस ऑपरेटरों के सहयोग से पेश किया जा रहा है, जिनके पास प्लेटफॉर्म पर पांच में से चार स्टार से अधिक की ग्राहक रेटिंग है। वर्तमान में रेडबस पर 600 से अधिक मार्गों पर टीकाकरण वाली बस सेवाओं का संचालन शुरू हो गया है और इनमें चालक दल और यात्रियों ने कम से कम कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक ली हुई है।
रेडबस पहले से ही अपने सेफ्टी प्लस कार्यक्रम के तहत विभिन्न सुरक्षा उपायों को लागू कर रहा है, जो कि सुरक्षा और स्वच्छता के उच्चतम मानकों को पूरा करने वाले पार्टनर बस ऑपरेटरों को दिया जाने वाला एक अनूठा प्रमाणन है। इनमें प्रत्येक यात्रा के बाद बसों की अच्छी प्रकार से सफाई, अनिवार्य मास्किंग, हाथ की सफाई और यात्रियों और चालक दल दोनों की थर्मल स्क्रीनिंग शामिल है। इस नई प्रणाली के उचित निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए, टीकाकरण वाली बसों में टिकट बुक करने वाले यात्रियों को बोडिर्ंग के समय अपना आईडी प्रूफ और टीकाकरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के बाद ही बोडिर्ंग की अनुमति दी जाएगी।
यात्रियों को यात्रा से पहले इन आवश्यकताओं के बारे में ई-मेल और एसएमएस के माध्यम से भी सूचित किया जाएगा। पार्टनर बस ऑपरेटर स्टाफ 18 वर्ष से कम उम्र के यात्रियों को छोड़कर, बोडिर्ंग से पहले सभी वयस्क यात्रियों के लिए टीकाकरण प्रमाण पत्र/आईडी प्रमाण का भौतिक सत्यापन करेगा। जो यात्री आवश्यक प्रमाण प्रदान करने में विफल रहते हैं उन्हें बोडिर्ंग से वंचित कर दिया जाएगा।
रेडबस के सीईओ प्रकाश संगम ने इस सेवा पर बात करते हुए कहा, हाल ही में हमने अपने ग्राहकों के साथ किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, 89 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा है कि वे एक ऐसी बस में यात्रा करना पसंद करेंगे, जिसमें सभी बस कर्मचारियों और सह-यात्रियों ने कोविड-19 वैक्सीन की कम से कम एक खुराक ले ली हो। इसलिए यह स्पष्ट है कि एक टीकाकरण वाली बस यात्रियों को उनकी चिंता से काफी हद तक छुटकारा दिलाती है और यात्रा करने के लिए उनके आत्मविश्वास को बहाल करती है, जिसका वे सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हमारे सहयोगी बस ऑपरेटरों को इस उपक्रम में हमारा समर्थन करने के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए देखना भी बेहद उत्साहजनक है। फिलहाल, ये सेवाएं देश में 600 से अधिक मार्गों पर फैली हुई हैं और हम इस पहल को प्रतिक्रिया के आधार पर आगे बढ़ाने पर विचार करेंगे।
देश भर में कुछ महत्वपूर्ण मार्ग, जहां वर्तमान में टीकाकरण वाली बसें चालू हैं, निम्नलिखित हैं :
1. दिल्ली - चंडीगढ़ - दिल्ली
2. हैदराबाद - तिरुपति - हैदराबाद
3. अहमदाबाद - उदयपुर - अहमदाबाद
4. बैंगलूरु - कोयंबटूर - बैंगलुरु
5. दिल्ली - लखनऊ - दिल्ली
(Disclaimer: यह खबर सीधे समाचार एजेंसी की सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है। इसे लोकतेज टीम ने संपादित नहीं किया है।)

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