18 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के टीकाकरण के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका

(Photo: IANS)

बड़ी संख्या में युवा आबादी को टीका लगाने से ठीक हो सकती है वर्तमान स्थिति- पिटीशन में किया गया दावा

नई दिल्ली, (आईएएनएस)| देश में कोविड मामलों में लगातार वृद्धि का हवाला देते हुए 18 साल और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों को कोविड-19 वैक्सीन उपलब्ध कराने के निर्देश की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। अधिवक्ता रश्मि सिंह की ओर से अधिवक्ता एमआर शमशाद के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि यदि बड़ी संख्या में युवा और कामकाजी आबादी को टीका लगाया जाता है तो वर्तमान स्थिति की तुलना में मामलों की संख्या काफी कम हो जाएगी और वायरल संक्रमण के फैलाव पर काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा।
याचिकाकर्ता ने दलील दी कि टीका लगवाने से पीड़ित व्यक्तियों को वंचित करना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटी के अनुसार, उनके जीवन के अधिकार का उल्लंघन होगा। याचिका में प्रधानमंत्री को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि 18 साल से ऊपर के सभी लोगों के लिए कोविड-19 टीकाकरण की अनुमति दी जानी चाहिए।
याचिका में कहा गया है कि दिहाड़ी मजदूरों के साथ-साथ गरीबी रेखा से नीचे आने वाले व्यक्तियों सहित जनसंख्या के हाशिए पर रहने वाले वर्ग भी 18 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के भीतर आने वाली आबादी का एक बड़ा हिस्सा हैं। याचिका में कहा गया है कि वैक्सीन की दोनों खुराकों के लिए प्रशासन को 6-8 सप्ताह का समय लगता है और जब तक टीका 18 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग तक पहुंचता है, तब तक कोविड-19 तेजी से फैल जाता है और ऐसी स्थिति को जन्म दे सकता है, जिसमें एक और लॉकडाउन लगाया जाना पड़ सकता है।

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