पैरालंपिक (भाला फेंक) : सुमित ने विश्व रिकॉर्ड के साथ जीता स्वर्ण

(Photo Credit : news18.gujarti.com)

ट्रेक्टर की चपेट में आ जाने से दोनों पैर गँवाने पड़े थे

टोक्यो, 30 अगस्त (आईएएनएस)| भारत के सुमित अंतिल ने यहां चल रहे टोक्यो पैरालंपिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए भाला फेंक क्लास एफ64 वर्ग में नया विश्व रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। सुमित ने फाइनल में विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए 68.55 मीटर का थ्रो किया और स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने नवंबर 2019 में सेट किए अपने 62.88 मीटर के थ्रो में सुधार किया।
भारत का यह दूसरा स्वर्ण है। इससे पहले महिला निशानेबाज अवनि लेखरा ने आज सुबह 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 में स्वर्ण जीता था। भारत का इस पैरालंपिक में यह दूसरा स्वर्ण पदक है जबकि उसने कुल सात पदक अपने नाम किए हैं। सुमित के अलावा ऑस्ट्रेलिया के माइकल बुरिआन ने 66.29 मीटर के थ्रो के साथ रजत जबकि श्रीलंका के दुलान कोदिथुवाकु ने 65.61 मीटर के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। सुमित और बुरिआन ने पिछला विश्व रिकॉर्ड तोड़ा जबकि श्रीलंका के एथलीट ने अपना निजी बेस्ट प्रदर्शन किया।
सुमित ने पहले प्रयास में 66.95 मीटर के साथ फाइनल की शुरूआत की लेकिन उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में 68.55 मीटर का थ्रो किया और पहले स्थान पर रहे। सुमित ने दूसरे प्रयास में 68.08, तीसरे में 65.27, चौथे में 66.71 मीटर का थ्रो किया जबकि उनका छठा और अंतिम थ्रो फाउल रहा। भारत ने टोक्यो पैरालंपिक में आज पांचवां पदक अपने नाम किया है। उनसे पहले अवनि, देवेंद्र झाझरिया, सुंदर सिंह गुर्जर और योगेश काथुनिया ने भी आज देश के लिए पदक जीते थे। देवेंद्र और सुंदर ने भाला फेंक एफ46 में पदक जीते जबकि योगेश ने डिस्कस थ्रो टी56 में पदक अपने नाम किया।
इस बीच, भारत के संदीप चौधरी एफ44 वर्ग में 62.20 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे और पदक लाने से चूक गए। संदीप का बेस्ट थ्रो 66.18 मीटर का है और अगर वह यह प्रदर्शन दोहराने में सफल होते तो पदक ला सकते थे। भारत अबतक इस पैरालंपिक में दो स्वर्ण, चार रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम कर चुका है।
एक सड़क हादसे में सुमित के दोनों पैर चले गए थे। पर इसके बाद भी सुमित ने हिम्मत नहीं हारी और आज यह उपलब्धि हासिल की है। हरियाणा के रहने वाले सुमित तीन बहनों में इकलौता भाई है। सुमित के पिता की 7 साल की उम्र में वायु सेना में सेवा के दौरान एक बीमारी से मृत्यु हो गई थी। 2015 में, जब सुमित ट्यूशन से लौट रहा था, तो वह एक ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आ गए थे।

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