लखीमपुर खीरी हिंसा के समझौते पर लॉ एंड आर्डर एडीजी ने दिया बयान, दोषियों को नहीं बक्शा जाएगा, कड़ी कार्रवाई होगी

(Photo Credit : IANS)

मृतकों को 45 लाख रुपए का मुआवजा, घायलों को 10 लाख का मुआवजा दिया जाएगा

लखीमपुर खीरी, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)| लखीमपुर खीरी के तिकोनिया शहर में रविवार को हुई हिंसा के करीब 24 घंटे बाद प्रशासन और किसान नेताओं के बीच समझौता हो गया है। फिलहाल पार्थिव शरीरों को घटना स्थल से पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है, वहीं किसान भी अब अपने अपने गंतव्य स्थानों की ओर बढ़ने लगे हैं। इस पूरे मसले पर प्रशांत कुमार एडीजी लॉ एंड आर्डर के आईएएनएस से बात करते हुए कहा, हमने किसान सगठनों और तमाम लोगों से बात की, उसमें यह स्पष्ट किया गया कि शासन के द्वारा पूर्व में ही इस घटना पर खेद जताया जा चुका है। शासन द्वारा यह भी कहा गया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, मृतकों को 45 लाख रुपए का मुआवजा, घायलों को 10 लाख का मुआवजा दिया जाएगा साथ ही इस पूरे घटना क्रम की एक रिटायर्ड हाई कोर्ट जज के द्वारा ज्यूडिशियल जांच आर्डर की गई है। इसके अलावा मृतकों के परिवार के एक सदस्य को उसके योग्यता के अनुसार लोकल स्तर पर नौकरी दी जाएगी। क्या 4 मृतकों को मुआवजा दिया जाएगा या पांच को ? क्योंकि किसान 5 लोगों के लिए मांग कर रहें है। इस सवाल के जवाब में प्रशांत कुमार ने बताया, अभी तक उनके पक्ष के 4 लोग ही हैं। यदि ऐसी कोई मांग आती है तो शासन अवश्य उसमें अपने हिसाब से निर्णय लेगा।
हालांकि किसान नेताओं ने अपने सभी किसानों ने विभिन्न जगहों पर लगाए गए जामों को खोलने की अपील भी कर दी है। इससे पहले किसान नेताओं और प्रशासन के बीच संयुक्त प्रेस वार्ता कर इस पूरे मसले पर फैसला सुनाया गया, जिसके बाद किसान नेताओं ने घटना स्थल पर मौजूद किसानों को संबोधित भी किया था। फिलहाल घटना स्थल पर बनी हुई तनाव की स्थिति अब कम होने लगी है, उधर किसान नेताओं ने परिवार के सदस्यों को अपने अपने रीति रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार करने को कहा है। इससे पहले पांच डोक्टरों की टीम के सामने और कैमरे की निगरानी में मृतकों के पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
हालांकि जिन जगहों पर गाड़ियां जलाई गई थी, उस जगह पर किसान अभी भी भीड़ जमा करके खड़े है और तस्वीरें खींच रहे हैं। जिले में अभी तक इंटरनेट सेवाएं शुरू नहीं हुई है, हालांकि किसानों ने यह भी कहा है कि हमारे बीच समझौता हो चुका है, अब इंटरनेट सेवा शुरू कर दिया जाए। इलाके में फिलहाल भारी संख्या में पुलिस बल, एसएसबी और आरएएफ जवानों को तैनात किया गया है। साथ ही इलाके में अब शांतिपूर्ण माहौल बना हुआ है।

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