गुजरातः राज्य में होने लगे स्वैच्छिक लॉकडाउन, जानें कहां लगे हैं लॉकडाउन

(Photo : IANS)

वलसाड के लोगों ने खुद लगाया 10 दिन का लॉकडाउन, मेहसाणा में 22 अप्रैल से 2 मई तक 11 दिन का लॉकडाउन

 कोविड-19 वायरस ने पूरी दुनिया में हाहाकर मचा दिया है। भारत में हालात इस कदर बेकाबू हैं कि यहां रोजाना लाखों संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। यही नहीं भारत में कोरोना से होने वाली मौतें भी सबसे ज्यादा हो रही हैं। सक्रिय मामलों की बात करें तो भारत दूसरे नंबर पर आता है। कोरोना संक्रमण पर रोक लगाने के लिए एक तरफ राज्य सरकारें साप्ताहिक लॉकडाउन या फिर सप्ताहभर के लिए लॉकडाउन लगा रही है। लेकिन उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में हाईकोर्ट के आदेश के बाद लॉकडाउन लगाने से इनकार किया जा रहा है। इधर गुजरात में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए वलसाड शहर के लोगों ने दस दिन तक खुद से लॉकडाउन लगाने का एलान कर दिया है। वलसाड के दुकानदारों और व्यापारियों के संगठन ने जिलाधिकारी आर.आर. रावल और भारतीय जनता पार्टी के विधायक भरत पटेल के साथ बैठक में इसका फैसला किया। सोमवार को वलसाड जिले में 71 नए मरीज सामने आए और छह मरीजों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। वलसाड में कोरोना संक्रमित कुल मामलों की संख्या 2,101 हो गई है और सरकारी और निजी अस्पतालों में 416 मरीजों का इलाज चल रहा है। बता दें कि वलसाड में रविवार से दस दिन का लॉकडाउन लागू कर दिया गया और लॉकडाउन के एलान से पहले ही लोगों ने आवश्यक सामान बेचने वाली दुकानों के बाहर लंबी लाइनें लगा दीं। 
इसी के साथ उत्तरी गुजरात के सबसे बड़े शहर मेहसाणा में कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद बड़ा फैसला किया गया है। मेहसाणा में 22 अप्रैल से 2 मई तक यानी 11 दिन का लॉकडाउन रहेगा। मेहसाणा नगर पालिका के पदाधिकारियों और व्यापारियों के बीच आज सुबह टाउन होल में बैठक हुई है। जिसमें 11 दिन के लॉकडाउन का फैसला किया गया। फैसले के मुताबिक 22 अप्रैल से 2 मई तक संपूर्ण लॉकडाउन का अमल किया जाएगा। लोगों को तकलीफ नहीं हो, इसके लिए मंगलवार और बुधवार को मेहसाणा के बाजार पूरे दिन खुले रहेंगे। ताकि लोग जीवनजरूरी चीजवस्तुओं की खरीदी कर सकें। मेहसाणा में कोरोना के केसों की लगातार वृद्धि के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और फल-सब्जी समेत दुकानों पर लगने वाली भीड़ कम करने के उद्देश्य से यह फैसला किया गया है। 

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