गुजरातः ग्रामीण इलाकों में कोरोना को फैलने से रोकने में ‘मेरा गांव, कोरोना मुक्त गांव’ अभियान की भूमिका काफी अहमः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की

मुख्यमंत्री ने ‘मेरा गांव, कोरोना मुक्त गांव’ अभियान के तहत राज्य के सभी डीडीओ और मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक कर दिया मार्गदर्शन

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने स्पष्ट रूप से कहा कि गुजरात के ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए ‘मेरा गांव, कोरोना मुक्त गांव’ अभियान महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि गांव के 10 अग्रणियों की एक समिति बनाकर गांव में भीड़भाड़ को टालने, सामाजिक दूरी को बनाए रखने और लोग अनिवार्य रूप से मास्क पहनें यह बातें सुनिश्चित करने से गांव में कोरोना के मामलों को बढ़ने से रोका जा सकता है। 
मुख्यमंत्री ने इस अभियान का और व्यापक स्तर पर विस्तार करने तथा स्वास्थ्य उप केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य स्टाफ की सेवाएं कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रत्येक गांव में अविरत मुहैया कराने के उद्देश्य से गुरुवार को गांधीनगर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य के सभी जिला विकास अधिकारियों (डीडीओ) और मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारियों (सीडीएचओ) के साथ वर्चुअल तरीके से समीक्षा बैठक की। 
श्री रूपाणी ने जिला विकास अधिकारियों को जिला एवं तहसील स्तर पर टीम बनाकर गांवों में ‘मेरा गांव, कोरोना मुक्त गांव’ अभियान के तहत शुरू किए गए सामुदायिक कोविड केयर सेंटर (सीसीसीसी) का दौरा करने और वहां रहने, खाने, पर्याप्त मात्रा में दवाइयों के स्टॉक, शुद्ध पेयजल और स्वच्छता सहित सारी सुविधाएं सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। 
उन्होंने ताकीद की कि ऐसे सामुदायिक कोविड केयर सेंटर में आवश्यक प्राथमिक सुविधाएं बिना किसी विलंब के समय पर उपलब्ध हों उसके लिए तहसील विकास अधिकारी संबंधित जिले के विकास अधिकारी के सीधे मार्गदर्शन में सभी इंतजाम करें। 
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक दवाइयां और चिकित्सा सेवाएं पहुंचाकर कोरोना मुक्त गांव का संकल्प हमें साकार करना है। 
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि फिलहाल सभी गांवों में सीमित संख्या में या नगण्य कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं। ऐसे व्यक्ति यदि अपने घर पर ही लोगों के साथ रहेंगे तो संक्रमण फैलने का खतरा रहेगा। इसलिए ऐसे कोरोना संक्रमित सभी व्यक्तियों को सीसीसीसी में आइसोलेट किया जाए तो संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा। मरीज के परिवारजनों की सुरक्षा और गांव के हित में पॉजिटिव मरीजों को सीसीसीसी में दाखिल करने की जागरूकता पैदा करने के लिए गांव के अग्रणी बुजुर्गों को साथ लेकर प्रयास करने का भी उन्होंने अनुरोध किया। 
उन्होंने सुझाव दिया कि सामुदायिक कोविड केयर सेंटर में रहने वाले ग्रामजनों के साथ उनके परिवारजनों की भी स्वास्थ्य जांच की जाए और परिवार के अन्य किसी सदस्य में सामान्य बुखार, सर्दी या खांस जैसे लक्षण नजर आए तो उन्हें भी एहतियात के तौर पर आइसोलेट किया जाए। 
मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि ऐसे जरूरतमंद व्यक्तियों को मानक दवाइयों की किट उपलब्ध कराई जाए तथा सामुदायिक कोविड केयर सेंटर में उनके रक्तचाप (बीपी) और ऑक्सीजन के स्तर आदि की जांच हो तथा आवश्यकता पड़ने पर उपचार के लिए समय पर स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर किया जाए। 
उल्लेखनीय है कि गुजरात स्थापना दिवस, 1 मई से शुरू हुए ‘मेरा गांव, कोरोना मुक्त गांव’ अभियान के तहत अब तक राज्य के 33 जिलों के गांवों में 1 लाख 20 हजार बेड की क्षमता के साथ 13061 सामुदायिक कोविड केयर सेंटर शुरू किए जा चुके हैं। 
‘मेरा गांव, कोरोना मुक्त गांव’ के 15 दिनों के इस अभियान के अंतर्गत ग्रामीण जनशक्ति को साथ लेकर गांवों में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के उपाय और सामुदायिक कोविड केयर सेंटर जनभागीदारी से शुरू कर वहां सामान्य लक्षणों वाले ग्रामीणों को आइसोलेट करने तथा मानक दवाइयों का वितरण करने आदि की व्यवस्था पंचायत और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से की गई है। 
इस वर्चुअल बैठक में पंचायत राज्य मंत्री जयद्रथसिंह परमार, मुख्य सचिव अनिल मुकीम, स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव डॉ. जयंती रवि, ग्राम विकास विभाग के सचिव विजय नेहरा, स्वास्थ्य आयुक्त  जयप्रकाश शिवहरे जुड़े थे।

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