गुजरात : बेटे ने माता-पिता की याद में बनवाया मंदिर!

(Photo Credit : news18.com)

माता-पिता को देना चाहते थे विशेष श्रद्धांजलि, आने वाली पीढ़ी को दिया माता-पिता की सेवा करने का संदेश

आपने पौराणिक कहानियों में श्रवण कुमार के बारे में जरुर सुना होगा, जिसने अपने अंधे माँ-बाप को काँवड़ में बिठाकर तीर्थयात्रा करवाई थी। लेकिन ये बीते युग की बात है, इस कलयुग में ऐसे लोग कहा ही मिलते है। लेकिन आज के समय भी ऐसे लोग है जो अपने माता-पिता के लिए कुछ भी कर सकते है। गुजरात के भरूच के पास एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहाँ एक बेटे ने अपने माता-पिता के लिए एक मंदिर बनाकर उसमें भगवान के जगह अपने माँ-पिता की मूर्ति रखी है।
आपको बता दें कि माता-पिता के लिए इतना प्यार है कि एक 44 वर्षीय किसान ने अपने दिवंगत माता-पिता की याद में एक मंदिर का निर्माण कराया है। इस किसान का नाम वल्लभ रोहित है और ये ईंट भट्टों का व्यवसाय भी चलाते है। आपको बता दें कि ये मंदिर भरुच से लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित जम्बूसर तालुका के डाभा गाँव में है। रोहित ने बताया कि उनके माता-पिता गरीबी में कड़ी मेहनत करते थे। माता-पिता ने वह सब कुछ किया जो वे अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता थे। इसीलिए मैंने अपने गाँव में अपने माता-पिता की याद में एक मंदिर बनाने का फैसला किया। थे।
रोहित ने आगे बताया “वो इकलौता बेटा हूं और अभी अपने जीवन में अच्छा कर रहा हूं और अपने माता-पिता द्वारा दिए गए सीखों से जीवन जी रहा हूं। आपको बता दें कि रोहित की पिता कि 2016 में मौत हो गई थी और वो 78 साल के थे। इसके बाद दो साल पहले रोहित की मां जो 72 साल की थी, मौत हो गईं।
अपने माता-पिता के मौत के बाद रोहित कुछ ऐसा करना चाहते थे जो दूसरों को अपने माता-पिता का सम्मान करने के लिए प्रेरित करे। रोहित ने मंदिर के अंदर अपने माता-पिता की मूर्तियां स्थापित की हैं। उन्होंने कहा, "मैंने दोस्तों और ग्रामीणों के साथ एक मंदिर बनाने के बारे में अपना विचार साझा किया और उन्हें यह इतना पसंद आया कि उनमें से कुछ ने सीमेंट और रेत का योगदान दिया और इस तरह हम सबने मिलकर ये मंदिर बनाया। रोहित चाहते है कि आने वाली पीढ़ियां अपने माता-पिता का सम्मान करें और उनके द्वारा की गई कुर्बानियों को समझें।"

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