गुजरात : मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जामनगर जिले के पदाधिकारियों व उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर लम्पी चर्म रोग की स्थिति की समीक्षा की

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल

मुख्यमंत्री ने लम्पी प्रभावित क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी गहन टीकाकरण अभियान चलाने का दिया निर्देश

उपचार या टीकाकरण के बाद भी पशु की निगरानी और पर्याप्त देखभाल जरूरी : मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को जामनगर कलक्टर कार्यालय के सभाखंड में लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) यानी लम्पी चर्म रोग की स्थिति की सर्वग्राही समीक्षा के लिए पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और जिले उच्चाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की। मुख्यमंत्री ने बैठक में साफ तौर पर कहा कि पशुओं के उपचार या टीकाकरण के बाद की स्थिति में भी उनकी पर्याप्त देखभाल करना जरूरी है। सरकार ने राज्य में लम्पी चर्म रोग के उन्मूलन के हरसंभव उपाय किए हैं। प्रशासन, पशुपालन विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस संबंध में श्रेष्ठ कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मृत पशुओं के त्वरित और योग्य निपटान के लिए ताकीद की और लम्पी प्रभावित क्षेत्र को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में भी गहन टीकाकरण अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जामनगर शहरी क्षेत्र, नगर पालिका और ग्रामीण क्षेत्रों में लम्पी चर्म रोग की स्थिति के संबंध में ब्यौरा हासिल किया, साथ ही कंट्रोल रूम पर उपचार के लिए आने वाले फोन कॉल और जिले में उपलब्ध टीके की खुराक के विषय में भी जानकारी प्राप्त की।
कृषि मंत्री राघवजीभाई पटेल ने बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि जामनगर जिले में लम्पी वायरस के प्रसार के शुरुआती दौर से ही जिला प्रशासन समुचित आयोजन कर रोग पर नियंत्रण करने के लिए श्रेष्ठ कार्य कर रहा है। प्रशासन की आवश्यकतानुसार सभी मांगों को भी सरकार ने पूरा किया है। वायरस पर नियंत्रण पाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं तथा उनके मार्गदर्शन में रोग पर काबू पाने में बहुत हद तक सफलता भी मिली है।
कृषि मंत्री ने आगे कहा कि गौमाता की रक्षा के लिए सरकार ने सभी संसाधनों को काम पर लगाया है, इसके परिणामस्वरूप देश के अन्य राज्यों की तुलना में गुजरात की स्थिति बहुत अच्छी है। राज्य में 22 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण पूर्ण किया जा चुका है। रोग को फैलने से रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्र के आसपास के 5 किलोमीटर के क्षेत्र में भी टीकाकरण किया जा रहा है।
मनपा आयुक्त विजय खराड़ी और जिला विकास अधिकारी मिहीर पटेल ने मुख्यमंत्री को संक्रमण की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि जामनगर जिले में 3 मई, 2022 को लम्पी वायरस का पहला मामला सामने आया था, तब से लेकर आज तक कुल 5405 पशु इस रोग से प्रभावित हुए हैं। इनमें से 1609 पशु गहन उपचार के चलते लम्पी मुक्त हुए हैं। वहीं, वर्तमान में 3692 पशु उपचाराधीन हैं। अब तक हुए टीकाकरण का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि जिले के 1,38,000 गोवंश के पशुओं में से 1,10,456 यानी 95 फीसदी पशुओं को टीका लगाया जा चुका है। निजी स्वामित्व वाले 98 फीसदी पशुओं का टीकाकरण कार्य पूरा हो चुका है। अब लावारिस और आवारा पशुओं का टीकाकरण अभियान चलाकर रोजाना 2 से 3 हजार पशुओं को टीका लगाया जा रहा है। जिले में लम्पी वायरस को नियंत्रित करने के लिए टीकाकरण महाअभियान का आयोजन कर 
जिला पंचायत की 23 टीमों तथा 74 पशु चिकित्सा अधिकारियों, 17 पशुधन निरीक्षकों, कामधेनु विश्वविद्यालय के 4 सहायक प्राध्यापकों, 5 स्नातकोत्तर  चिकित्सकों तथा 32 स्नातक चिकित्सकों द्वारा सघन कार्य किया गया। उन्होंने टीकाकरण के अलावा लम्पी वायरस के वाहक मक्खी और मच्छर आदि के उपद्रव को नियंत्रित करने के लिए कार्यरत स्वास्थ्य विभाग की 344 टीमों  द्वारा किए जा रहे स्वच्छता और कीट नियंत्रण कार्यों का विवरण भी दिया।
बैठक में राज्य मंत्री ब्रिजेशभाई मेरजा, विधायक आर.सी. फळदु, धर्मेंद्रसिंह जाडेजा, महापौर श्रीमती बीनाबेन कोठारी, जिला पंचायत अध्यक्ष धरमशीभाई चनियारा, गौसंवर्धन व सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. के.एम. भीमजियाणी, कलक्टर डॉ. सौरभ पारघी, आयुक्त विजय खराड़ी, क्षेत्रीय मनपा आयुक्त डॉ. धीमंतभाई व्यास, पुलिस अधीक्षक प्रेमसुख डेलु, पशुपालन निदेशक, अतिरिक्त कलक्टर एम.पी. पंड्या, मनपा उपायुक्त ए.के. वस्ताणी, शहर भाजपा अध्यक्ष विमलभाई कगथरा, जिला भाजपा अध्यक्ष रमेशभाई मूंगरा आदि उपस्थित रहे।

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