गुजरात : समूचे देश में ‘नडाबेट सीमा दर्शन परियोजना’ के कारण बनासकांठा आकर्षण का केंद्र बनेगा : अमित शाह

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बनासकांठा जिले के नडाबेट स्थित भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नवनिर्मित ‘सीमा दर्शन परियोजना’ का उद्घाटन किया

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने किया भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा नडाबेट में ‘सीमा दर्शन परियोजना’ का लोकार्पण

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को बनासकांठा जिले के सुई गाँव तहसील के नडाबेट स्थित भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नवनिर्मित ‘सीमा दर्शन परियोजना’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल उपस्थित थे। इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात तथा देशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हम सभी के आराध्य देव मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जीवन से हमें युगों-युगों से प्रेरणा मिलती रही है। उन्होंने कहा कि आज मुझे चैत्र सुद नवम के पवित्र दिन नडेश्वरी माताजी के मेले में उपस्थित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
गृहमंत्री ने बीएसएफ के जवानों की बहादुरी की सरहाना करते हुए कहा कि बीएसएफ के जवान माइनस 40 डिग्री से लेकर 50 डिग्री गर्मी तक की कठिन परिस्थिति में देश की सुरक्षा करते हैं। सरहदों से दूर हजारों किलोमीटर भीषण रेगिस्तान में हमारी सुरक्षा के लिए यह पहरा देते है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ ‘जीवन पर्यंत कर्तव्य’ के नारे के साथ देश की सेवा में हमेशा आगे है। देश पर जब भी आफत आई है, तब बीएसएफ के जवानों ने जान की बाजी लगाकर देश की सेवा की है। गृह मंत्री ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कल्पना को वंदन करता हूं, जिनकी बदौलत बनासकांठा जिले के नडाबेट में ‘सीमा दर्शन परियोजना’ का निर्माण हो पाया है। इस प्रोजेक्ट से पर्यटन के विकास के साथ-साथ नई रोज़गारी का सर्जन होगा। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि आगामी 10 वर्ष के बाद इस क्षेत्र में लाखों लोगों को रोज़गारी का नया मौका मिलेगा।
उन्होंने कहा कि नडाबेट ‘सीमा दर्शन परियोजना’ के कारण बनासकांठा जिला पूरे देश में आकर्षण का केंद्र बनेगा। राष्ट्र की रक्षा के लिए तैनात रहने वाले बीएसएफ के जवानों की जीवनचर्या का प्रत्यक्ष अनुभव करने का मौका,जवानों का रहन-सहन, कर्तव्य तथा देश प्रेम को रूबरू देखने का मौका मिल सके इस हेतु से ‘सीमा दर्शन परियोजना’ शुरू की गई है। गृह मंत्री ने सीमा दर्शन परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत 125 करोड़ रुपए की लागत से पर्यटकों के लिए सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाएँ तथा विशेष आकर्षण विकसित किए गए है। पर्यटन विभाग द्वारा बॉर्डर टूरिज्म के विकास के लिए ‘टी-जंक्शन’, जीरो पॉइंट तथा टी-जंक्शन से लेकर जीरो पॉइंट तक के मार्ग पर विभिन्न विकास के कार्य किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सीमा दर्शन के स्थान पर फर्निचर तथा इंटीरियर कार्य के साथ-साथ 3 आगमन प्लाजा, विश्राम स्थान, पार्किंग, 500 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, चेंजिंग रूम, स्मारिका दुकान, 22 दुकान तथा रेस्टोरेंट्स, ‘सरहद गाथा’ प्रदर्शनी केंद्र एवं म्यूजियम, सजावटी प्रकाश, सोलार ट्री तथा सोलार रूफ टॉप की सुविधाएँ विकसित की गई है। इसके उपरांत रिटेनिंग वॉल, बीएसएफ बैरक तथा पेय जल तथा शौचालय ब्लॉक की सुविधाएँ 5000 लोगों की क्षमता वाला परेड मैदान, प्रदर्शनी केंद्र, पार्किंग सुविधा, साउंड सिस्टम, बच्चों के खेलने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ, बीएसएफ कर्मियों के लिए निवेश की सुविधा तथा सीमा सुरक्षा की विशेष प्रतिकृति समान दरवाजे का निर्माण किया गया है।
पर्यटन मंत्री पूर्णेश मोदी ने कहा कि आज समग्र गुजरात के लिए गौरव की बात है कि पर्यटन विभाग द्वारा भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा  पर स्थित नडेश्वरी नमाता के सानिध्य में अधर्म के सामने धर्म के विजय प्रतिक समान रामनवमी के पावन अवसर पर बॉर्डर टूरिज्म के कई परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार द्वारा वन्यजीव पर्यटन, पारिस्थितिकी पर्यटन, समुद्र तट पर्यटन की तरह सीमा पर्यटन को बढ़ावा देने वाली इस परियोजना की सफलता से पर्यटन क्षेत्र नई ऊँचाईयों पर पहुँचेगा। पर्यटन मंत्री ने बच्चों में देशभक्ति के मूल्यों को जगाने के लिए सीमा दर्शन नडाबेट का दौरा करने के लिए अनुरोध भी किया।
इस अवसर पर बीएसएफ के जवानों द्वारा परेड तथा बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी आयोजित की गई। साथ ही सुप्रसिद्ध गायक पद्मश्री कैलाश खेर द्वारा देश भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई। 
इस असवर पर प्रभारी मंत्री गजेन्द्रसिंह परमार, शिक्षा राज्य मंत्री कीर्ति सिंह वाघेला, सांसद पर्वत पटेल, दिनेश अनावाडिया, विधायक शशिकांत पंड्या, बनास डेयरी के चैयरमेन शंकर चौधरी, टूरिज्म विभाग के सचिव हरित शुक्ला, कलेक्टर आनंद पटेल, जिला विकास अधिकारी स्वप्निल खरे सहित बीएसएफ के उच्च अधिकारीगण, पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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