देशभर के 21 ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों में गुजरात के धोलेरा का समावेश

प्रतिकात्मक तस्वीर

गुजरात में से धोलेरा और हिरासर को ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए पसंद

भारत सरकार ने गोवा के मोपा, महाराष्ट्र के नवी मुंबई, सिंधुदुर्ग और शिरडी, कर्नाटक के बीजापुर, हासन, कलबुर्गी और शिमोगा, डबरा (ग्वालियर) में देश भर में 21 ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की स्थापना के लिए 'सैद्धांतिक मंजूरी' दी है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में कुशीनगर और जेवर (नोएडा), गुजरात में धोलेरा और हीरासर, पुडुचेरी में कराईकल, दगदार्थी, भोगपुरम और ओरवाकल (कुरनूल), आंध्र प्रदेश में दुर्गापुर, सिक्किम में पकयोंग, केरल में कन्नूर और होलोंगी ( ईटानगर) अरुणाचल प्रदेश में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे बनाएँ जाएँगे। इनमें से 8 ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पश्चिम बंगाल में दुर्गापुर एयरपोर्ट, महाराष्ट्र में शिरडी एयरपोर्ट, केरल में कन्नूर एयरपोर्ट, सिक्किम में पाकयोंग एयरपोर्ट, कर्नाटक में कलबुर्गी एयरपोर्ट, आंध्र प्रदेश में ओरवाकल (कुरनूल) एयरपोर्ट, महाराष्ट्र में सिंधुदुर्ग हवाई अड्डा और उत्तर प्रदेश में कुशीनगर एयरपोर्ट का काम चालू करने के निर्देश भी दे दिये गए है।
हवाई अड्डे के निर्माण की समय-सीमा विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है जैसे संबंधित हवाईअड्डा डेवलपर्स द्वारा भूमि अधिग्रहण, अनिवार्य अनुमोदन, बाधाओं को दूर करना, वित्तीय बंद करना आदि। परियोजना वित्त पोषण सहित हवाईअड्डा परियोजनाओं के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकार (यदि राज्य सरकार परियोजना की प्रस्तावक है) सहित संबंधित हवाईअड्डा विकासकर्ता की होती है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क को प्रोत्साहित करने और जनता के लिए हवाई यात्रा को सस्ता बनाने के लिए अक्टूबर, 2016 में क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) - UDAN (उड़े देश का आम नागरिक) भी शुरू किया है। योजना के तहत हवाई अड्डे का विस्तार/विकास 'मांग आधारित' है जो एयरलाइन ऑपरेटरों के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा विभिन्न रियायतें प्रदान करने की निश्चित प्रतिबद्धता पर निर्भर करता है। 

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री डॉक्‍टर वी के सिंह ने कहा कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने अगले 4-5 वर्षों में लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से नए हवाई अड्डों के विकास और मौजूदा हवाई अड्डों को बेहतर बनाने का काम शुरू किया है। मंत्री ने यह भी बताया कि हवाई अड्डों में से आठ हवाई अड्डों का काम चालू कर दिया गया है। सिंह ने यह भी बताया कि दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु में तीन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) हवाई अड्डों के लिए 2025 तक 30,000 करोड़ रुपये के लागत के साथ इनके विस्तार की योजना बनाई गई है। बता दें कि सरकार ने देश में नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की स्थापना हेतु दिशा-निर्देश प्रदान करने के लिए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा नीति, 2008 तैयार की थी। नीति के अनुसार, एक हवाईअड्डा डेवलपर (राज्य सरकारों सहित) को नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमओसीए) को एक प्रस्ताव भेजना आवश्यक है। 
धोलेरा में भी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। इस परियोजना की प्रगति के ब्योरे के बारे में पूछे जाने पर राज्य उद्योग मंत्री ने कहा कि परियोजना की कुल लागत 2,772 करोड़ रुपये थी, लेकिन संशोधित अनुमान अब 1,305 करोड़ रुपये होगा। विकास के पहले चरण के पहले चरण की टेंडरींग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, हालांकि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की मंजूरी मिलने के बाद काम सौंपा जाएगा। इस परियोजना के तहत कोई लागत नहीं आई है लेकिन धोलेरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंपनी लिमिटेड द्वारा हवाई अड्डे की परियोजना की सहायक लागत 9.02 करोड़ रुपये है। इस परियोजना के लिए प्रस्तावित समय सीमा काम जमा करने की तारीख से चार साल है।

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