जीएसटी का जंजाल : HSN कोड के इस झमेले से परेशान हैं कारोबारी

व्यापारियों के सर का दर्द बना हुआ है जीएसटी

भले ही सभी जीएसटी के सारे काम ऑनलाइन किए जा रहे हैं, फिर भी कुछ चीजों को ऑफलाइन करने के विशेष निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, पोर्टल पर एचएसएन कोड को अपडेट करने की प्रक्रिया ठीक से नहीं होने के कारण व्यापारियों को बताया जा रहा है कि यदि एचएसएन कोड अपने आप अपडेट नहीं होता है, तो व्यापारी को जीएसटीआर 1 मैन्युअल रूप से देना होगा। यानी GSTR 1 भरते समय व्यापारी को इसका ध्यान रखना पड़ेगा। ऐसे में यदि व्यापारी GSTA21 में HSN कोड लिखने में एक छोटी सी भी गलती करता है, तो इसके सामने व्यापारी को क्रेडिट नहीं दिया जाएगा और गलत HSN कोड लिखने वाले व्यापारी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। ऐसे में व्यापारियों की हालत 'खाया पिया कुछ नहीं, ग्लास तोड़ा 12 आना' जैसी हो गयी है।
जीएसटी पोर्टल के सही से काम न करते होने से व्यापारी को दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि जीएसटी परिषद पहले ही घोषणा कर चुकी है कि व्यापारियों को इसे करना ही होगा। जुलाई में दाखिल होने वाले रिटर्न में व्यापारी को चार के बजाय छह अंकों की संख्या दर्ज करनी होती है। इसकी घोषणा के दो महीने बीत जाने के बाद भी, जो व्यापारी अभी भी इसे पोर्टल पर अपडेट नहीं करते हैं, उन्हें सबसे बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है।

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