RTE के तहत एडमिशन ना लेने वाले स्कूलों के खिलाफ सरकार की लाल आँख, मान्यता रद्द करने की दी चेतावनी

प्रतिकात्मक तस्वीर

राज्य भर की स्कूलों में चालू है आरटीई के तहत एडमिशन का दौर, अब तक 30 हजार से भी अधिक फॉर्म भरे गए

राज्य भर में राइट टू एज्यूकेशन के तहत एडमिशन देने का कार्य शुरू है। गरीब बालक भी अच्छी निजी स्कूलों में पढ़ सके इस हेतु से सरकार द्वारा राइट टू एज्यूकेशन एक्ट के तहत गरीब बालक भी निजी स्कूलों में एडमिशन ले सकते है। हालांकि कई स्कूल आरटीई के तहत आने वाले छात्रों को एडमिशन देने से माना कर देते है। ऐसे सभी स्कूलों के खिलाफ सरकार ने लाल आँख दिखाते हुये स्कूलों को नियम का उल्लंघन करने पर दंड के अलावा मान्यता रद्द करने की चेतावनी भी दी है। 
बता दे कि इस साल कोरोना के कारण स्कूलों में आरटीई के अंतर्गत प्रवेश प्रक्रिया काफी देरी से शुरू हुई थी। जिसमें अहमदाबाद शहर में 1385 स्कूलों में आरटीई के छात्रों की 12500 बैठक के लिए 30500 फॉर्म भरे गए थे। जिसमें से 26 हजार छात्रों के फॉर्म कंफर्म किए गए थे। पहले राउंड में 11150 छात्रों को एडमिशन दिया गया था। इस बारे में बात करते हुये अहमदाबाद जिला शिक्षण अधिकारी ने बात करते हुये कहा 4 अगस्त तक सभी छात्रों को एडमिशन कंफर्म कर लेना रहेगा। जिसके बाद दूसरा राउंड शुरू होगा। 
जिला शिक्षणाधिकारी ने कहा कि कोई भी स्कूल अभिभावकों को एडमिशन देने के लुइए माना नहीं कर पाएगा। यदि इस बारे में किसी भी स्कूल के खिलाफ शिकायत मिलती है तो सबसे पहले स्कूल को 10 हजार और दूसरी बार की शिकायत पर 25 हजार का दंड होगा। यदि इसके बाद भी कोई स्कूल प्रवेश के लिए आनाकानी करती है तो स्कूल की लायसंस भी कैन्सल किया जा सकता है। 

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