करने जा रहे है एलन मस्क की कंपनी टेस्ला में निवेश, जाने क्या कहना है एक्स्पर्ट्स का

(File photo: IANS)

कंपनी में निवेश के समय शेयर की वेल्यूएशन करना काफी जरूरी - अजय केडिया

कुछ ही समय पहले आई वेब सीरीज स्कैम 1992 में हर्षद मेहता बने प्रतीक गांधी का एक संवाद लोगों को काफी मशहूर हुआ था। प्रतीक गांधी का यह डायलोग था की - रिस्क है तो इश्क है। इस डायलॉग को सुनने के बाद कई लोगों ने रिस्क लेकर शेयर मार्केट में इन्वेस्ट किया था, हालांकि शेरबाजार की पूरी जानकारी ना होने के कारण कई इन्वेस्टर्स अब फंस चुके है। कई इन्वेस्टर्स ने टेस्ला जैसे शेयर में अधिक से अधिक रिटर्न देने वाले शेयर्स पर अपना दांव लगाया था। पर अब उन्हें लेने के देने पड़ गए है। 
इस बारे में मशहूर इन्वेस्टर और स्टॉक गुरु के नाम से मशहूर विजय केडिया ने कहा है कि, मुझे रिस्क से इश्क है, पर में टेस्ला जैसे शेर नहीं खरीदता। क्योंकि इनसे मुझे इश्क नहीं है। एक अँग्रेजी अखबार को दिये इंटरव्यू में केडीया ने कहा कि शेयर कि वेल्यूएशन उसके साथ जुड़े रिस्क को बढ़ा देती है। उन्हें ऐसा मनोरंजन नहीं है। वह कहते है कि टेस्ला के शेयर पहले ही काफी तेजी से भाग चुका है, इसलिए इन्वेस्टर्स को अब बिना जरूरत का जोखिम नहीं लेना चाहिए। यदि आप पूरी स्पीड से कोई लेम्बर्गीनी चला रहे है तो आपको सीटबेल्ट बिलकुल नहीं हटाना चाहिए। 
(Photo Credit : stockbasket.com)
अमेरिका के शेयर खरीदने वाले भारतीय इन्वेस्टर्स में टेस्ला काफी लोकप्रिय है। साल 2020 में टेस्ला के शेयर ने 695 प्रतिशत कि लंबी छ्लांग लगाई थी। केडीया कहते है कि शेयर खरीदते वक्त सुरक्षा का मार्जिन रखना काफी जरूरी है। मात्र बाते सुनकर शेयर नहीं खरीदने चाहिए। टेस्ला के मुक़ाबले भारतीय शेयर फिलहाल ज्यादा मजबूत है। उनका कहना है कि वेल्यूएशन को गिनते वक्त आप कंपनी कि 5 साल की आय को डिस्काउंट कर सकते हो, पर यहाँ तो 25 साल की आय को डिस्काउंट कर के लोग शेयर खरीद रहे है। जो काफी अजीब बात है। 
केडीया का कहना है की मात्र टेस्ला ही नहीं कोई भी ऐसे शेयर जिसका ग्रोथ ना दिख रहा हो, उसे नहीं खरीदने चाहिए। उनका सिद्धांत है की बिना किसी उत्साह के आर्थिक मूल्यांकन कर के ही सबसे श्रेष्ठ रिटर्न देने के संभावना वाले ही शेयर खरीदने चाहिए। 

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