ईरान-इजराइल युद्ध के चलते भारतीय हवाई अड्डों पर भारी संकट

 सैकड़ों उड़ानें रद्द होने से यात्री परेशान, मक्का-मदीना जाने वाले उमराह तीर्थयात्रियों की बढ़ी चिंता

ईरान-इजराइल युद्ध के चलते भारतीय हवाई अड्डों पर भारी संकट

नई दिल्ली, 02 मार्च (वेब वार्ता)। मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में गहराते युद्ध के संकट का सीधा असर अब भारतीय हवाई अड्डों पर दिखने लगा है।

दिल्ली सहित देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर सैकड़ों फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं, जिससे हजारों यात्री फंसे हुए हैं। युद्ध क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरने के जोखिम के कारण एयरलाइन्स ने अपने रूट बदल दिए हैं या सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। विशेष रूप से खाड़ी देशों की यात्रा करने वाले लोग भारी अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।

यात्रियों का कहना है कि जहां कुछ अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन्स समय पर उड़ान भर रही हैं, वहीं भारतीय और अन्य विदेशी विमानन कंपनियों की उड़ानों में भारी देरी और रद्दीकरण देखने को मिल रहा है।

युद्ध के इस कठिन दौर में भी मक्का-मदीना जाने वाले उमराह तीर्थयात्रियों का जज्बा कम नहीं हुआ है। दिल्ली एयरपोर्ट पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे कई परिवारों ने बताया कि उन्होंने बहुत पहले आवेदन किया था और अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।

यात्रियों के अनुसार, सऊदी एयरलाइंस ने तीर्थयात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा है और उनकी उड़ानें अपेक्षाकृत सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। यात्रा को लेकर मन में भय के सवाल पर एक महिला यात्री ने भावुक होकर कहा, “थोड़ा डर तो है, लेकिन हमें अल्लाह पर पूरा यकीन है कि वह हमारी रक्षा करेंगे और हमें अकेला नहीं छोड़ेंगे।”

हवाई अड्डों पर यात्रियों के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत भी चर्चा का मुख्य केंद्र बनी हुई है। कई यात्रियों ने इसे इस्लाम के एक महान मार्गदर्शक का जाना बताया और उनके निर्भय नेतृत्व को याद किया।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के प्रभावित होने से पर्यटन और व्यापारिक यात्राओं को भारी आर्थिक नुकसान पहुँच रहा है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध जल्द नहीं रुका, तो हवाई किराया दोगुना हो सकता है और वैश्विक विमानन क्षेत्र को कोविड काल के बाद सबसे बड़े संकट का सामना करना पड़ सकता है।