अब से सूर्यास्त के बाद भी हो सकेगा पोस्ट्मॉर्टेम, केंद्रीय मंत्री मनसूख़ मांडविया ने दी जानकारी

मनसूख मांडविया

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसूख मांडविया द्वारा स्वास्थ्य मंत्रालय के एक नए नियम की जानकारी दी गई, जिसके अनुसार अब से अस्पतालों में रात के समय भी पोस्ट्मॉर्टेम किया जा सकेगा। इस नए नियम के साथ ही केन्द्रीय मंत्री ने अंग्रेजों के समय से चली आ रही व्यवस्था को खतम करने का उद्घोष भी किया था। 
नए प्रोटोकॉल में बताया गया की अंगदान के लिए उपयोगी शरीर के पोस्ट्मॉर्टेम को सबसे पहले प्राथमिका दी जाएगी। अस्पतालों में पोस्ट्मॉर्टेम मात्र सूर्यास्त तक ही नही पर सुविधा के आधार पर सूर्यास्त के बाद भी किया जा सकता है। अपने इस निर्णय के साथ स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी शंका को दूर करने के लिए रात को होने वाले तमाम पोस्ट्मॉर्टेम के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग कि जाएगी। हालांकि रात को किए जाने वाले पोस्ट्मॉर्टेम के कानून से हत्या, आत्महत्या, दुष्कर्म पीड़ित की अथवा क्षतिग्रस्त मृतदेह का पोस्ट्मॉर्टेम रात को नहीं किया जाएगा। 
इस संबंध में एक सूत्र ने बताया कि सूर्यास्त के बाद पोस्टमॉर्टम के मुद्दे की जांच हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय में एक तकनीकी समिति ने की थी। बैठक के दौरान चर्चा हुई कि कुछ संस्थान पहले से ही रात में पोस्टमॉर्टम कर रहे हैं। एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि प्रौद्योगिकी में तेजी से प्रगति और सुधार के साथ, अस्पतालों में रात में आत्म-परीक्षण करना संभव है, विशेष रूप से पोस्टमॉर्टम के लिए आवश्यक प्रकाश व्यवस्था और आवश्यक बुनियादी ढांचे की उपलब्धता को देखते हुए।

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