कम खुश हैं भारत के धन्नासेठ!

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देश के सबसे समृद्ध शहर के तौर पर मुंबई कायम

कहते है की पैसा हर खुशी खरीद सकता है। पर फिलहाल ही हुआ एक सर्वे इस बात को नकारता है। भारत के हाई नेटवर्थ इंडिविज्युयल में हेप्पिनेस इंडेक्स 13 पॉइंट घटकर 7.23 पॉइंट हो गया है। इसके पहले साल 2019 में जो हेप्पिनेस इंडेक्स 8.5 पॉइंट था। मंगलवार को जाहीर किए हुरून इंडिया ने सात करोड़ से अधिक संपाती वाले 449 मिलियनर्स का सर्वे किया था। जिसमें 100 करोड़ से अधिक संपत्ति वाले 62 सुपर रिच व्यक्तियों का भी समावेश होता है। 

इस रिपोर्ट में ऐसा भी सामने आया है की देश में सालाना औसतन 20 लाख से अधिक बचत करने वाले 6.33 लाख परिवारों का एक नया मध्यम वर्ग तैयार हुआ है। रिपोर्टस का कहना है कि यह परिवार ऐसे है, जो अपना अधिकतर निवेश रेसिडेंसीयल प्रॉपर्टी और ऑटोमोबाइल्स जैसी फिजिकल एसेट्स में करते है। 

मुंबई फिर से बना देश में अमीरों का शहर

देश के सबसे समृद्ध शहर के तौर पर मुंबई ने अपना राज कायम रखा है। मुंबई के बाद दिल्ली का क्रम है। मुंबई में देश के 16933 मिलियोनर परिवार बसते है। जो की देश की जीडीपी में 6.16 प्रतिशत योगदान देते है। इसके बाद दिल्ली में 16000 मिलियोनर्स है। जो देश की जीडीपी में 4.94 प्रतिशत योगदान देते है। इसके बाद तीसरे क्रम पर कोलकाता 10000 मिलियोनर के साथ, बेंगलोर 7582 मिलियोनर के साथ चौथे और चेन्नई 4685 मिलियोनर के साथ पांचबे क्रमांक पर है। 

गुजरात में हैं 29000 मिलियोनर परिवार

यदि राज्य के अनुसार बात करे तो महाराष्ट्र 56000 मिलियोनर के साथ पहले क्रमांक पर, उत्तरप्रदेश 36000 के साथ दूसरे क्रमांक पर, तमिलनाडू में 35000, कर्नाटक में 33000 और गुजरात में 29000 मिलियोनर परिवार है। 

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