पत्नी को तलाक देने के लिए कोर्ट ने पति को दिया 8000 साल 'कैद' में रहने का निर्णय

प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credit : Pixabay.com)

47 करोड़ रुपए भरने के बाद मिल सकती है सजा में से मुक्ति

पति-पत्नी के बीच आए दिन अनबन होती रहती है। कई बार यह अनबन दोनों के बीच तलाक का कारण भी बन जाती है। तलाक के बाद भी पति को तलाक के समजौते के तौर पर पत्नी को भरणपोषण देना पड़ता है। हालांकि इज़राइल से सामने आया तलाक का एक मामला आजकल काफी सुर्खियों में बना हुआ है। इज़राइल की कोर्ट ने ऑस्ट्रेलियन नागरिक नॉम हूपर्ट को अपनी पत्नी को तलाक देने के चलते इज़राइल छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके चलते पूरे ऑस्ट्रेलिया में इस निर्णय के खिलाफ काफी हंगामा मचा हुआ है। 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इज़राइल कोर्ट ने अपने निर्णय में सुनाया की नॉम हूपर्ट 31 दिसंबर 9999 तक देश छोड़ कर नहीं जा सकते। एक तरीके से नॉम को देश में ही 'कैद' कर दिया गया है। कोर्ट ने बताया कि यदि हूपर्ट को इस सजा से बचना है तो उसे पत्नी के भरणपोषण और बच्चों की देखभाल के लिए 3 मिलियन डॉलर यानि की 47 करोड़ रुपए देने होंगे। कोर्ट ने कहा की ऑस्ट्रेलियन नागारिक यदि 3 मिलियन डॉलर का भुगतान कर देता है तो उसे सजा में से मुक्ति मिल सकती है, वरना उसे इज़राइल में ही रहना होगा। केस को ब्रिटिश जर्नलिस्ट मैरिएन अज़ीज़ी ने उठाया था, उनका कहना है की इस तरह की तकलीफ अन्य नागरिकों को भी हो सकती है। इसलिए इस मामले में कुछ करना होगा, हालांकि अब तक इस मामले में ऑस्ट्रेलियन एम्बेसी से उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में रहने वाला यह शख्स 2012 में अपने दो बालकों के साथ इज़राइल में रहने आया था। उसकी पत्नी ने इज़राइल की कोर्ट में तलाक का केस दर्ज कर दिया था, जिसका निर्णय सामने आने पर व्यक्ति के होंश उड़ गए थे। नॉम खुद को फंसा हुआ मान रहे है, वहीं इस तरह की सजा पर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भी सवाल उठाए थे। इस तरह की सजा के कारण नॉम अब छुट्टी मनाने और काम करने के लिए भी बाहर नहीं जा सकते। ऑस्ट्रेलियन मीडिया के साथ बात करते हुये नॉम ने कहा की उनकी तरह ही अन्य कई लोग ऐसे है, जिन्हें तलाक से जुड़े स्थानीय क़ानूनों के बारे में अधिक मालूम नहीं होता। इसके चलते वह फंस जाते है।

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