देश : आज से सिंगल यूज प्लास्टिक के 19 उत्पादों पर संपूर्ण बैन, आदेश के उल्लंघन पर पांच साल की सजा या एक लाख रुपये का जुर्माना

सरकार के इस फैसले के बाद रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक से बनी कई चीज़ों को आप बाज़ारों में नहीं देख पाएंगे

देशभर में आज से सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया गया। पर्यावरण पर प्लास्टिक के बढ़ते दुष्प्रभाव पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने आज से देशभर में सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद अब प्लास्टिक से बनी कई चीजों की बिक्री बंद हो जाएगी। ऐसे में रोक के बावजूद प्लास्टिक कर इस्तेमाल करते पकड़ जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। सरकार के इस फैसले के बाद रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक से बनी कई चीज़ों को आप बाज़ारों में नहीं देख पाएंगे। सरकार का कहना है कि सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर बैन लगाने से इसके कचरे की मात्रा में कमी आएगी।
आपको बता दें कि सिंगल यूज प्लास्टिक को री-साइकिल करना मुश्किल और खर्चीला है। इसका अधिकांश हिस्सा किसी ना किसी रूप में वापस से पर्यावरण में ही चला जाता है, जिससे प्रकृति को कई प्रकार से नुकसान पहुंचता है। भारत में रोजाना 26 हजार टन प्लास्टिक कचरा निकलता है, जिसमें मात्र 60 फीसदी को ही इक्टठा किया जाता है। बाकी चालीस फीसदी प्लास्टिक कचरा देश के नदी-नालों में पड़ा मिलता है। ऐसे में पर्यावरण का ध्यान रखते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर बैन लगा दिया है। साथ ही इसको सख्ती से लागू करने के भी निर्देश जारी किए हैं। 
आपको बता दें कि सरकार द्वारा लागू इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के पांच साल की सजा या एक लाख रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकता है। वहीं लगातार उल्लंघन करने वाले पर पांच हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भी जुर्माना लग सकता है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने जिन प्लास्टिक से बने 19 उत्पादों पर बैन लगाया है, उनमें प्लास्टिक कैरी बैग, प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड्स, गुब्बारे के लिए प्लास्टिक स्टिक, कैंडी स्टिक, आइस्क्रीम स्टीक, प्लास्टिक के झंडे, थर्माकोल (पॉलिस्ट्रीन), प्लास्टिक की प्लेट, प्लास्टिक के कप, प्लास्टिक के गिलास, प्लास्टिक के कांट, प्लास्टिक के चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, प्लास्टिक ट्रे, मिठाई के डिब्बों को रैप या पैक करने वाले फिल्म, कार्ड, सिगरेट के पैकेट, 100 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक या पीवीसे बैनर, स्टिरर (चीनी आदि मिलाने वाली चीज) शामिल है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने सभी राज्यों को अपने यहां सिंगल यूज प्लास्टिक के अवैध रूप से इसके निर्माण, जमा और बिक्री पर नजर बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया है। मंत्रालय ने फिलहाल FMCG सेक्टर को इस बैन से छूट दी है।

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