अंतिम संस्कार में छलका ब्रिगेडियर लिड्डर की पुत्री का दर्द, पिता को बताया असली हीरो

तमिलनाडु के कुन्नूर में वायुसेना के Mi-17 हेलिकॉप्टर के क्रेश होने के कारण सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित 11 सैन्य अधिकारियों की मौत हुई थी। इसके चलते पूरे देश में मातम छा गया था, जिसके बाद आज सभी सैनिकों का अंतिम संस्कार किया गया। इसमें कोई शक नहीं कि कभी न खत्म होने वाला नुकसान स्थायी होगा। पूरा देश इस दुर्घटना के बाद से दुखी है। आज सभी मृतकों को अंतिम विदाई देते समय भी सभी की आँखों में वह दर्द साफ दिख रहा था।  
भयंकर दुर्घटना में सीडीएस के साथ-साथ जान गंवाने वालों में ब्रिगेडियर एलएस लिड्डर भी शामिल थे। ब्रिगेडियर लिड्डर को शुक्रवार को दिल्ली में अंतिम विदाई दी गई। उनकी पत्नी गीतिका लिड्डर ने कहा, ''हमें मुस्कुराकर उन्हें अलविदा कहना चाहिए।'' गीतिका लिड्डर ने कहा कि जिंदगी बहुत लंबी है, अब भगवान माने तो हम उनके साथ रहेंगे। वह बहुत अच्छे पिता थे, मेरी बेटी उन्हें बहुत याद करेगी। यह एक बहुत बड़ा नुकसान है। एक नुकसान जो कभी भरा नहीं जा सकेगा।
ब्रिगेडियर एलएस लिड्डर की बेटी आशना ने कहा, "मेरे पिता 17 साल तक मेरे साथ रहे, हम उनकी यादों को अपने साथ रखेंगे। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा नुकसान है, मेरे पिता मेरे सबसे अच्छे दोस्त और मेरे हीरो थे। वह बहुत खुशमिजाज इंसान थे। शायद यह हमारा दुर्भाग्य की वह वह इतने अप्रत्याशित रूप से चले गए। प्रभु उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। मुझे अपने पिता पर बहुत गर्व है।

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