बनासकांठा : शादी का लालच देकर 15 साल की बच्ची का किया अपहरण, फिर किया उसके साथ दुष्कर्म

गुजरात में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा खतरे में, बीते दो साल में दर्ज हुए तीन हजार मामले

गुजरात में एक तरफ महिलाएं और युवतियां के सुरक्षित होने के दावे किये जाते रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गुजरात में आए दिन रेप की चार घटनाएं हो रही हैं। पिछले दो साल की बात करें तो राज्य में पिछले दो साल में रेप की 3095 घटनाएं हुई हैं। एक बार फिर बनासकांठा के कंकराज तालुका के मंगलपुरा में 15 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार वडगाम के शिहोरी थाने में दर्ज शिकायत में बताया गया ही किगांव के एक व्यक्ति ने शादी के बहाने एक नाबालिक का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की है।
आपको बता दें कि बच्चों के यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए सरकार ने सख्त कानून बनाए हैं। जिनमें से एक है पोक्सो कानून। बाल यौन शोषण की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए पॉक्स कानून को कड़ा किया गया है। बच्चे के साथ यौन संबंध बनाना एक गंभीर अपराध है। इन घटनाओं का बच्चों पर शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत ही ज्यादा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में पोक्सो कानून काम आता है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों से किसी भी तरह का सेक्सुअल बर्ताव इस कानून के दायरे में आता है। ये कानून लड़के और लड़की को समान रूप से सुरक्षा प्रदान करता है। इस एक्ट के तहत बच्चों को सेक्सुअल असॉल्ट, सेक्सुअल हैरेसमेंट और पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों से प्रोटेक्ट किया गया है। 2012 में बने इस कानून के तहत अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा तय की गई है। पॉक्सो कानून के तहत सभी अपराधों की सुनवाई, एक विशेष न्यायालय द्वारा कैमरे के सामने बच्चे के माता पिता या जिन लोगों पर बच्चा भरोसा करता है, उनकी मौजूदगी में करने का प्रावधान है। बच्चा, अभिभावक, डॉक्टर, स्कूल से जुड़ा कोई भी व्यक्ति पॉक्सो के तहत शिकायत दर्ज करा सकता है।अपराध को रोकने के लिए एक विशेष किशोर पुलिस इकाई की स्थापना की गई है। इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस में भी की जा सकती है।

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