अहमदाबाद : कोरोना गाइडलाइंस के पालन के साथ भगवान जगन्नाथ की 144वीं रथयात्रा को मिली अनुमति

मुख्यमंत्री ने पहिंदविधि का आमंत्रण स्वीकार किया, पुलिस द्वारा तय की जाएगी यात्रा की दूरी

पिछले काफी समय से जिस चीज की राह भक्तों द्वारा आतुरता से देखी जा रही थी, उस रथयात्रा को सरकार द्वारा अनुमति दे दी गई है। गांधीनगर में हुई राज्य सरकार की कैबिनेट मीटिंग में इस बारे में निर्णय लिया गया। कैबिनेट में हुई मीटिंग के बाद सरकार द्वारा कोरोना गाइडलाइन और अन्य शर्तों के आधीन रथयात्रा को अनुमति दी गई। मीटिंग में यह भी तय किया गया की गृह विभाग द्वारा और मंदिर ट्रस्ट द्वारा संयुक्त तौर पर रथयात्रा का प्लान बनाया जाएगा। 
विस्तृत जानकारी के अनुसार, अहमदाबाद शहर के जमालपुर स्थित जगदीश मंदिर से हर साल आषाढ़ महीने की दूसरी तिथि को रथयात्रा निकाली जाती है। हालांकि कोरोना महामारी के कारण इस बार यात्रा को लेकर संदेह बना हुआ था। हालांकि कोरोना के केसों में कमी आने के बाद सरकार द्वारा रथयात्रा को अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। मंदिर के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रथयात्रा के आरंभ के पहले पहिंदविधि की जाती है। जिसमें सबसे पहले रथ के आगे की धूल-मिट्टी को सोने के तारवाली झाड़ू से साफ किया जाता है। हर साल की तरह इस साल भी यह विधि मुख्यमंत्री द्वारा ही किया जाएगा। 
इस बार भी इस विधि के लिए प्रधानमंत्री को दिये आमंत्रण को उन्होंने स्वीकार किया है। जिसके चलते इस बार भी भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा जी और बलराम की रथयात्रा निकाली जाएगी। हालांकि इस बार भी इस रथयात्रा की दूरी 2 किलोमीटर ही होगी, इसका निर्णय पुलिस द्वारा ही लिया जाएगा। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि क्योंकि अभी तक शहर में से कोरोना ने पूरी तरह विदाई नहीं ली है, पुलिस द्वारा इसकी दूरी को लेकर निर्णय लिया जाएगा। 

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