अहमदाबाद : राज्य के अग्निशमन बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने का मुख्यमंत्री का जनहितैषी दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अमरेली, आणंद, नड़ियाद और गोधरा नगर पालिका के मॉडल फायर स्टेशन के निर्माण के लिए 23.58 करोड़ की सैद्धांतिक मंजूरी दी

गुजरात के नगरों में बनेंगे ‘मॉडल फायर स्टेशन’, मॉडल फायर स्टेशन जिले में किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए अति आधुनिक फायर उपकरणों से होगा लैस
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के अग्निशमन बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाकर उसे समयानुकूल उपकरणों से लैस करने का जनहितकारी दृष्टिकोण अपनाया है। राज्य में किसी भी तरह की छोटी-बड़ी प्राकृतिक या मानव सृजित आपदा के दौरान अग्निशमन सेवाओं की आवश्यकता और महत्व को ध्यान में रखते हुए भूपेंद्र पटेल ने राज्य की 32 नगर पालिकाओं में अत्याधुनिक ‘मॉडल फायर स्टेशन’ के निर्माण की दिशा पकड़ी है। इस संदर्भ में उन्होंने मॉडल फायर स्टेशन के निर्माण के लिए आणंद नगर पालिका को 6 करोड़ 30 लाख रुपए, नड़ियाद नगर पालिका को 6 करोड़ 22 लाख रुपए, गोधरा नगर पालिका को 5 करोड़ 94 लाख रुपए और अमरेली नगर पालिका को 5 करोड़ 12 लाख रुपए सहित राज्य की 4 नगर पालिकाओं को कुल 23.58 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है।
यह मॉडल फायर स्टेशन 5100 वर्ग मीटर क्षेत्र में आकार लेंगे। लगभग 2500 वर्ग मीटर स्थान फायर स्टेशन और स्टाफ क्वार्टर के लिए रखकर शेष जगह का उपयोग मॉकड्रिल और फायर उपकरण रखने के लिए किया जाएगा। नगर पालिकाओं के इस मॉडल फायर स्टेशनों में वाटर ब्राउजर, फायर फाइटर और बुलेट फायर जैसे आधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे। उल्लेखनीय है कि शहरी विकास विभाग ने राज्य के 32 जिलों की 32 नगर पालिकाओं में जिले का मुख्य फायर स्टेशन बनाने के लिए 32 विभागीय कार्यालय निर्धारित किए हैं। जिसके अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिला स्तरीय मुख्यालय की 16 नगर पालिकाओं में फायर स्टेशन के निर्माण के लिए प्रति नगर पालिका 5.14 करोड़ रुपए के हिसाब से 82.24 करोड़ रुपए की सैद्धांतिक अनुमति मिल चुकी है। इतना ही नहीं, 2022-23 के बजट में प्रति फायर स्टेशन 1 करोड़ रुपए के हिसाब से 16 करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया गया है।
इन 32 नगर पालिकाओं के दमकल केंद्रों की सेवाओं को और भी सुदृढ़ बनाने के लिए प्रत्येक नगर पालिका में 21 दमकल कर्मियों सहित कुल 672 नई रिक्तियों में से ज्यादातर पदों पर भर्ती भी की गई है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जिला स्तरीय मॉडल फायर स्टेशन के निर्माण के लिए जो रणनीति अपनाई है, उससे जिलों में फायर-अग्नि दुर्घटना के समय तत्काल राहत और बचाव कार्य तेजी से हो सकेंगे।

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