महाराष्ट्र से कोरोना संक्रमितों को लाने वाले बस संचालकों के खिलाफ होगी कार्रवाई

प्रतिकात्मक तस्वीर

मनपा कमिशनर ने दिए सख्त निर्देश, शुरू किया जांच अभियान

शहर में कोरोना संक्रमण जिस तेजी से फैल रहा है, उस पर काबू पाने के लिए निजी बस संचालकों को टूर ऑपरेटर्स को कई बार पालिका की ओर से यह सूचना दी गई है कि गाइडलाइन का पालन किया जाए। लेकिन इसके बावजूद वह महाराष्ट्र से पॉजिटिव मरीजों को सूरत ला रहे हैं। जिसके चलते सूरत की हालत भी पतली हो गई है। अब प्रशासन ने ऐसे टूर ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बना लिया है।
सूरत शहर में रहने वाले लोगों की अपेक्षा सूरत शहर के बाहर से आने वाले पॉज़िटिव मरीजों की संख्या ज्यादा है। शहर में कोरोना नियंत्रण के लिए मॉल, मल्टीप्लेक्स, जिम, सुपरस्टोर ऑडिटोरियम, कमर्शियल कोम्पलेक्स सब कुछ बंद करा दिया गया है। लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से लोग आने के कारण पर स्थिति जस की तस है। पालिका की ओर से शहर के प्रवेश द्वार पर ही अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की कोरोना वायरस कीं जांच की जा रही है। जिसमें कि महाराष्ट्र आने वाली बसों में कोरोना वायरस का संक्रमितो के आने का खुलासा हुआ है। विशेष तौर से वराछा के बी जोन में महाराष्ट्र से आने वाले कोरोना संक्रमितों की संख्या अधिक है। पालिका ने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बनाया है। 
पालिका की ओर से शहर में कोरोना संक्रमितो की परिस्थिति का पता लगाया जा सके, इसलिए सभी निजी हॉस्पिटलों को कोरोना वायरस की जानकारी देने की सूचना दी गई है। इसके बावजूद कई हॉस्पिटल है जो कि जानकारी नहीं दे रही है। उधना की ध्वनि हॉस्पिटल को पालिका ने इस सिलसिले में नोटिस दिया है और हॉस्पिटल बंद क्यों न किया जाए इसका जवाब मांगा है। कोरोना का उपचार करने देने की अनुमति देने बावजूद भी कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल के तौर पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले हॉस्पिटलों के खिलाफ प्रशासन इन दिनों कार्यवाही कर रहा है। 
सूरत में समुद्री मार्ग से आने वाले यात्रियों का भी टेस्टिंग किया जा रहा है। हजीरा, रो-रो फेरी सर्विस के माध्यम से आने वाले लोगों को भी कोरोना की जांच अनिवार्य कर दिया गया है। 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:


ये भी पढ़ें