रूस-युक्रेन युद्ध के बीच अधर में लटकी छात्रों की पढ़ाई को लेकर विदेश मंत्री ने दी बड़ी जानकारी

रूस-युक्रेन युद्ध के बीच अधर में लटकी छात्रों की पढ़ाई को लेकर विदेश मंत्री ने दी बड़ी जानकारी

विदेश मंत्री ने दी जानकारी, भारत सरकार यूक्रेन के पड़ोसी देशों से बात कर भारतीय छात्रों को उनकी यूनिवर्सिटी में प्रवेश दिलाने का प्रयास कर रहे है

रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को 3 महीने से भी ज्यादा समय बीत चुका है। तीन महीने बाद भी इसके हालत में कोई बड़ा परिवर्तन होता नहीं दिखाई दे रहा है। इस जंग के शुरू होने के समय भारतीय सरकार ने युक्रेन में फंसे अपने सभी नागरिकों और विद्यार्थियों को ऑपरेशन गंगा के तहत सुरक्षित बाहर निकाल लिया था.  नागरिकों की जान तो बाख गई लेकिन अब बड़ा सवाल यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे भारतीय मेडिकल छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। इस सवाल को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार यूक्रेन के पड़ोसी देशों से बात कर रही है कि वे भारतीय छात्रों को उनकी यूनिवर्सिटी में समायोजित कर लें।
आपको बता दें सोमवार को एस जयशंकर पीएम केयर्स के एक कार्यक्रम में भाग लेने वडोदरा पहुंचे थे। इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से, कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों के लिए PM CARES के तहत लाभ जारी किए थे। उन्होंने कहा कि सरकार यूक्रेन के पड़ोसी देशों से बातचीत कर रही है। ताकि पता लगाया जा सके कि भारतीय छात्रों को किस तरह वहां के विश्वविद्यालयों में भर्ती कराया जा सकता है। 
इस कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए गुजरात से राज्यसभा सांसद एस जयशंकर ने बताया कि हंगरी की सरकार ने वादा किया है कि वह ज्यादा से ज्यादा भारतीय छात्रों को अपने विश्वविद्यालयों में प्रवेश दिलाने की कोशिश करेगी। विदेश मंत्री ने आगे कहा कि हाल ही में हंगरी के विदेश मंत्री भारत आए थे। उन्होंने बताया था कि भारत के करीब 1,250 छात्रों ने उनके देश के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। बता दें कि 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद भारतीय छात्रों को यूक्रेन छोड़कर भारत वापस आना पड़ा था।

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