हॉकी : 1964 के ओलिंपिक में भारत को सोना दिलाने वाले कप्तान ने दुनिया को कहा अलविदा

हॉकी : 1964 के ओलिंपिक में भारत को सोना दिलाने वाले कप्तान ने दुनिया को कहा अलविदा

भारत के पूर्व हॉकी कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी चरणजीत सिंह का हुआ निधन, 1964 में पाकिस्तान को दी थी मात

आज सुबह भारत को हॉकी जगह से एक बुरी खबर का सामना करना पड़ा। भारत के पूर्व हॉकी कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी चरणजीत सिंह इस दुनिया से विदा हो गए। भारतीय हॉकी के सुनहरे युग की एक निशानी के तौर पर रहे चरणजीत का निधन पुरे खेल जगह के लिए बहुत बुरी खबर है। चरणजीत देश की कई यादगार जीतों का हिस्सा रहे हैं। 
आपको बता दें कि 1964 के टोक्यो ओलिंपिक में अपनी कप्तानी में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने वाले चरणजीत सिंह की आयु 92 साल की थी और लंबी बीमारी के कारण हिमाचल के ऊना में उनका निधन हो गया। अर्जुन अवॉर्ड  और पद्मश्री से सम्मानित चरणजीत सिंह साल 1960 में हुए रोम में हुए ओलिपिंक खेलों में रजत पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। इसके दो साल बाद चरणजीत सिंह ने एशियन गेम्स में भी भारत को सिल्वर मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। 22 नवंबर 1930 को ऊना के मैरी गांव में जन्में चरणजीत पंजाब यूर्निवर्सटी और ब्राउन कैंब्रिज स्कूल से पढ़ाई की थी। रिटायरमेंट के चरणजीत हिमाचल यूनिवर्सटी में फिजिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट के डायरेक्टर थे।
(Wills Book of Excellence - Hockey)
बता दें कि रोम ओलिंपिक-1960 के फाइनल में भारत को पाकिस्तान से हार मिली थी। 1964 में कप्तान बने चरणजीत सिंह ने एक बार फिर टीम को चैंपियन बनाया। अगले ओलिंपिक में चरणजीत ने अपनी कप्तानी में फाइनल में पाकिस्तान को 1-0 से हराकर अपना बदला ले लिया। चरणजीत सिंह जब टीम के वापस लौटे तो एयरपोर्ट पर फैंस की भीड़ ने उनका जोरदार स्वागत किया था।

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